
नई दिल्ली: श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों पर 21 विद्वानों की टिप्पणियों वाली पांडुलिपि 11 खंडों में प्रकाशित हुई है . इस कृति का प्रकाशन कांग्रेस के पूर्व सांसद और हिंदू संस्कृति के विद्वान राजा कर्ण सिंह की अध्यक्षता वाली धार्मिक ट्रस्ट ने की है . मंगलवार को नई दिल्ली में राजा कर्ण सिंह और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की मौजूदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ग्रंथ का विमोचन किया . इस मौके मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वह इस पुनीत कार्य के लिए प्रयास करने वाले सभी विद्वानों, इससे जुड़े हर व्यक्ति और उनके हर प्रयास को आदरपूर्वक नमन करते हैं. उन्होंने कहा किसी एक ग्रंथ के हर श्लोक पर ये अलग-अलग व्याख्याएं, इतने मनीषियों की अभिव्यक्ति, ये गीता की उस गहराई का प्रतीक है, जिस पर हजारों विद्वानों ने अपना पूरा जीवन खपा दिया है.
गीता ने आजादी की लड़ाई को दी नई ऊर्जा
प्रधानमंत्री ने कहां की हा कि ये भारत की उस वैचारिक स्वतंत्रता का भी प्रतीक है, जो हर व्यक्ति को अपने विचार रखने के लिए प्रेरित करती है. भारत को एकता के सूत्र में बांधने वाले और शंकराचार्य ने गीता को आध्यात्मिक चेतना के रूप में देखा. गीता को रामानुजाचार्य जैसे संतों ने आध्यात्मिक ज्ञान की अभिव्यक्ति के रूप में सामने रखा. स्वामी विवेकानंद के लिए गीता अटूट कर्मनिष्ठा और अदम्य आत्मविश्वास का स्रोत रही है. प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नई ऊर्जा दी थी.
पटना : खाजेकलां थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार के साथ दो… Read More
पटना। पटना नगर निगम द्वारा पटना के शैंम्फोर्ड स्कूल में स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन… Read More
पटना। बिहार की साहित्यिक विरासत, सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक अस्मिता को समर्पित लेट्स इंस्पायर बिहार… Read More
पटना : पटना नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता जागरूकता अभियान के तहत स्वच्छता… Read More
Bharat varta Desk पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को पटना पुलिस ने शुक्रवार (06… Read More
पटना। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के तहत लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य… Read More