
Bharat varta desk:
बिहार की सियासत में एकाएक तब हलचल होती दिखी जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को अचानक राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलने राजभवन पहुंच गए. नीतीश कुमार के राज्यपाल से मिलने का क्या उद्देश्य था यह स्पष्ट तौर पर सामने आया भी नहीं था कि भाजपा के सांसद व बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी भी राज्यपाल से मिलने पहुंच गए. इसके कई राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं मगर सुशील मोदी ने कहा कि महज यह संयोग था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को 4 वर्षीय डिग्री कोर्स लागू करने में बाधा नहीं डालनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल उच्च शिक्षा को सुधारने में लगे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राज भवन में का काम भी चल रहा है। यह जिम्मा राज्य सरकार का होता है जिसका निरीक्षण करने के लिए मुख्यमंत्री राजभवन गए थे। यह भी बताया गया कि 10 जुलाई से विधानमंडल का मानसून सत्र शुरू होने वाला है। इसके अतिरिक्त कांग्रेस कोटे के दो मंत्री भी बनाए जाने की चर्चा है।
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