
आरा, भारत वार्ता संवाददाता : बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा आरा के बाबू वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में 10 दिवसीय खादी मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है जिसका उद्घाटन भोजपुर के जिलाधिकारी राजकुमार ने किया। खादी मेला सह प्रदर्शनी में पूरे प्रदेश के विभिन्न जिलों की खादी संस्थाओं द्वारा खादी के कपड़े और रेडीमेड वस्त्रों की बिक्री के साथ-साथ खादी के बारे में विस्तृत जानकारी देने की व्यवस्था की गई है। मेला में 110 से भी अधिक स्टाल लगाए गए हैं। खादी संस्थाओं के अलावा हैंडलूम और हथकरघा, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, जीविका आदि कार्यक्रमों के तहत अपना उद्योग चला रहे उद्यमियों को भी मेला में अपनी सामग्रियों को प्रदर्शित और बेचने करने का अवसर प्रदान किया गया है। मेला का उद्घाटन करने के बाद आयोजित समारोह में जिलाधिकारी राज कुमार ने कहा कि के देश की आजादी में खादी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में आरा के हमारे बाबू वीर कुंवर सिंह ने अंग्रेजों के दांत खट्टे किए थे। वह प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक थे। असहयोग आंदोलन के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हर गांव को स्वावलंबी बनाने के लिए स्वरोजगार और खादी का मंत्र दिया। उनकी प्रेरणा से ही घर-घर में चरखा चलना प्रारंभ हुआ जिससे देश में विदेशी कपड़ों की मांग कम हुई। चरखा और ग्राम उद्योग के माध्यम से अभी लाखों लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। खादी के कपड़े पहनना स्वतंत्रता संग्राम के मूल्यों का सम्मान करना है। उन्होंने कहा कि गांव में जितने ज्यादा उद्योग खुलेंगे, उतनी हमारी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और उतनी ही ज्यादा जिले की प्रगति होगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय उद्योगों द्वारा बनाए गए माल को खरीदना भी जरूरी है।
कार्यक्रम में उद्योग विभाग के विशेष सचिव और बिहार राज्य खड़ी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी दिलीप कुमार ने कहा कि खादी-ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के लिए इस मेले का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि खादी के वस्त्र आरामदायक होने के साथ-साथ फैशन के अनुकूल भी हैं। खादी फॉर नेशन, खादी फोर फैशन और खादी फोर ट्रांसफॉरमेशन नए भारत का मूल मंत्र है। युवाओं को खादी और ग्रामोद्योग से जुड़कर न सिर्फ अपने लिए स्वरोजगार की व्यवस्था करनी है, बल्कि दूसरे लोगों को रोजगार भी देना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत उद्यमियों को रोजगार के अलावा बेहतरीन संस्थानों में प्रशिक्षण और हैंड होल्डिंग की व्यवस्था भी उद्योग विभाग द्वारा की जा रही है। विशेष सचिव ने बताया कि नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए बैंकों के माध्यम से कई दूसरी योजनाएं भी चलाई जा रही है जिनमें पर्याप्त सब्सिडी के व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि नए उद्यमी पीएमईजीपी और पीएमएफएमई कार्यक्रम के तहत भी बैंकों से ऋण प्राप्त करके स्वरोजगार प्रारंभ कर सकते हैं। बैंकों से लोन दिलाने में जिला उद्योग केंद्र सक्रिय भूमिका निभाएगा।
जिलाधिकारी ने खरीदे खादी के कपड़े
खादी मेला में भोजपुर के जिलाधिकारी राजकुमार ने मेला का भ्रमण करते हुए कई स्टॉलों पर खरीदारी की। उन्होने अपने लिए होली में पहनने हेतु खादी का सफेद रंग का कपड़ा खरीदा। परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी उन्होंने खादी के कपड़ों की खरीदारी की। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक उषा सिन्हा ने किया।
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