
मुजफ्फरपुर संवाददाता: मुजफ्फरपुर सहित सूबे के सभी जिलों में असाक्षर टोले चिन्हित किये जायेंगे और वहां स्वयंसेवी शिक्षक नियुक्त किये जायेंगे. यह स्वयंसेवी शिक्षक गांव या टोले के पढ़े लिखे व्यक्ति, रिटायर शिक्षक , सामाजिक कार्यकर्ता या नेहरू युवा केंद्र के छात्र हो सकते हैं. इसका निर्देश जन शिक्षा निदेशक कुमार रामानुज ने दिया है. पढना -लिखना अभियान के तहत इस कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है. उन्होंने कहा है कि सभी जिलों में असाक्षर लोगों का डाटा तैयार किया जायेगा. केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य में पढ़ना-लिखना अभियान की शुरुआत हो रही है. इस अभियान के तहत असाक्षरों को अखबार पढ़ना, चिट्ठी लिखना जैसी चीजें सिखायी जायेंगी.
इस अभियान में स्वयं सेवी शिक्षक अपने टोले के दस व्यस्क को साक्षर करने का जिम्मा उठायेंगे. ऐसे शिक्षकों को सम्मानित भी किया जायेगा. साक्षरता निदेशक ने कहा है कि असाक्षरों का डाटा बनाने के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाया जाये. डीपीओ साक्षरता को निर्देश दिया गया है कि वह जिला व प्रखंड स्तरीय शासी निकाय और कार्यसमिति का गठन करे. स्वयं सेवी शिक्षक खोजने के लिए गांवों और टोलों में बैठक करने का भी निर्देश दिया गया है.
Bharat varta Desk अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप के… Read More
Bharat varta Desk आज बिहार की राजधानी पटना में नए सियासी युग की शुरुआत हो… Read More
Bharat varta Desk नेपाल में गुरुवार को हुए राष्ट्रीय चुनाव के बाद वोटों की गिनती… Read More
Bharat varta Desk बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर जेडीयू की बैठक संपन्न… Read More
Bharat varta Desk संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2025 का… Read More
Bharat varta Desk बिहार और पश्चिम बंगाल समेत छह राज्यों के राज्यपालों का फेरबदल किया… Read More