
पटना : बिहार मानवाधिकार आयोग डिजिटल होने की राह पर है। पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में बिहार मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा ने आयोग के अभिलेख डिजिटाइजेशन कार्यक्रम की शुरुआत की। मौके पर मानवाधिकार आयोग के सदस्यद्वय उज्जवल कुमार दुबे तथा शशि शेखर शर्मा एवं बिहार मानवाधिकार आयोग के सचिव राजेश कुमार उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा ने कहा कि हमारे जीवन में तकनीक का उपयोग बढ़ रहा है। यह डिजिटल युग है। बिहार मानवाधिकार आयोग के दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन से सभी को लाभ होगा। आयोग के अभिलेख सभी के लिए आसानी से उपलब्ध हो जाएंगे। इससे आयोग में कार्य दक्षता और पारदर्शिता में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार से संबंधित मामलों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार और त्वरित कार्रवाई करना बिहार मानवाधिकार आयोग का उद्देश्य है और पूरा संगठन इसी उद्देश्य के साथ कार्य कर रहा है। कार्यक्रम का संचालन बिहार मानवाधिकार आयोग के निबंधक शैलेंद्र कुमार सिंह ने किया। कार्यक्रम संयोजक के रूप में प्रशाखा पदाधिकारी अविनाश कुमार झा ने डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया से सबको अवगत कराया।
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