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विक्रमशिला की भूमि कहलगांव के सन्हौला प्रखंड में मिले हैं पुरानी संरचनाओं के अवशेष

शिव शंकर सिंह पारिजात

भागलपुर: लगता है वर्षों से उपेक्षा के दंश झेल रहे अंगभूमि के ऐतिहासिक धरोहर और पुरातात्विक साक्ष्य अब खुद-ब़-खुद जमीन का सीना चीरकर बाहर प्रकट हो रहे हैं।

अंग प्रक्षेत्र में स्थित बांका जिला के भदरिया गांव (जिसका बौद्ध ग्रंथों में भद्दिय के नाम से उल्लेख है और जहां भगवान बुद्ध के चरण पड़े थे तथा जहां उनकी मुख्य शिष्या विशाखा का जन्म हुआ था) में चान्दन नदी में बौद्धकालीन संरचनाओं के तथा भागलपुर जिला के नवगछिया अनुमंडल के गुवारीडीह में करीब पांच हजार साल पुराने ताम्र-पाषाणिक युग के पुरावशेषों के मिलने के बाद आज 17 दिसम्बर, 2020 को विक्रमशिला की भूमि कहलगांव के सन्हौला प्रखंड के पथिया गांव में एक खुदाई के दौरान पुरानी संरचनाओं के अवशेष व ईंट आदि मिले हैं जिसके तत्काल संरक्षण एवं अध्ययन की आवश्यकता है।

लगता है अंग की प्राचीन भूमि मानों खुद अपना इतिहास दोहराने हेतु आमादा हो गयी है।

Inputs: Dr. Bihari Lal Choudhary

Dr Rishikesh

Editor - Bharat Varta (National Monthly Magazine & Web Media Network)

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