
मुजफ्फरपुर संवाददाता: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के हंगामा के कारण शनिवार को बीआरए बिहार विवि की सीनेट की बैठक नहीं हुई. बैठक शुरू होने से पहले ही सेंट्रल लाइब्रेरी के गेट पर विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता 44 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. लेकिन वीसी के आते ही कुछ बाहरी लोग वहां घुस गये और संगठन के छात्र और छात्राओं के साथ धक्कामुक्की कर दी. इससे उनका गुस्सा उबल गया. छह घंटे तक एबीवीपी के कार्यकर्ता हंगामा करते रहे. कई बार की कोशिशों और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद भी बात नहीं बनी तो कुलपति प्रो हनुमान प्रसाद पांडेय ने सीनेट स्थगन की घोषणा कर दी. स्थगन के बाद कुलपति ने विवि के अधिकारियों के साथ बजट पास कराने पर बैठक की.
सुबह दस बजे से ही पहुंच गये विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता सुबह दस बजे से ही सेंट्रल लाइब्रेरी पहुंच गये थे. प्रदर्शन का नेतृत्व एबीवीपी के केशरी नंदन शर्मा और पुरुषोत्तम कुमार कर रहे थे. बड़ी संख्या में छात्रायें भी तख्तियां लेकर बैठी हुई थीं. कार्यकर्ताओं ने सेंट्रल लाइब्रेरी पहुंचकर उसके गेट को बंद कर दिया और वहां बैठक कर नारेबाजी करने लगे. छात्रों के हंगामे की सूचना विवि थाने को दी गयी. इसके बाद थानध्यक्ष श्रीकांत के नेतृत्व में पुलिस बल वहां पहुंची. विवि थाने की पुलिस ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया लेकिन छात्र नहीं माने.
बाहरी लोग कहां से आए: सीनेट की बैठक में कुलपति प्रो हनुमान प्रसाद पांडेय के पहुंचते ही हंगामा शुरू हो गया. कुछ बाहरी लोग भी पहुंच गये और विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं से धक्का मुक्की करने लगे. इससे बवाल बढ़ गया. कुछ छात्रों ने वीसी से भी धक्का-मुुक्की कर दी. काफी देर तक सेंट्रल लाइबेरी की गेट पर बवाल होता रहा. इसके बाद कुलपति और दूसरे अधिकारी वहां से वापस चले गये. छात्र बाहरी छात्रों पर विवि की तरफ से एफआईआर की मांग कर रहे थे.
कई सीनेटर और प्राचार्य भी गये मनाने पर नहीं बनी बात: छात्रों को मनाने पहले विवि के प्रॉक्टर प्रो अजीत कुमार गये लेकिन कार्यकर्ताओं ने कहा कि वह सिर्फ वीसी से बात करेंगे. हाथपायी के बाद जब बवाल बढ़ा तो कई सीनेटर और प्राचार्य भी छात्रों के उन्हें मनाने पहुंचे. सीनेटर व एलएस कॉलेज की रसायन विभाग की अध्यक्ष प्रो शशि कुमार सिंह भी बात करने गयी लेकिन छात्रों ने कहा कि वह मांग पूरा होने तक नहीं हटेंगे. इसके बाद आरबीबीएम कॉलेज की प्राचार्य प्रो ममता रानी और एमएसकेबी कॉलेज के प्राचार्य प्रो नलिन विलोचन भी छात्रों से बात करने गये. इसके बाद हिन्दी विभाग के अध्यक्ष प्रो सतीश राय ने भी विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को मनाने की कोशिश की.
वीसी ने कहा, हम खेद जताते हैं अब ऐसा नहीं होगा: कार्यकर्ताओं के नहीं मानने पर जिला प्रशासन को बुलाया गया. सदर एसडीओ कुंदन कुमार ने छात्रों से बात की और आंदोलन खत्म करने को कहा. लेकिन छात्रों का कहना था कि वह बैठक नहीं होने देंगे. इसके अलावे छात्र वीसी को आंदोलन स्थल पर आकर वार्ता करने पर अड़े थे. काफी देर जब बात के बाद जब बात नहीं बनी तो एसडीएम के कहने पर कुलपति छात्रों से बात करने पहुंचे. विद्यार्थी परिषद के नेता केशरी नंदन शर्मा ने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट हुई है इस पर विवि कार्रवाई करे. इस पर कुलपति ने कहा कि हम खेद जताते हैं, अब ऐसा नहीं होगा. ऐसे लोगों पर कार्रवाई भी होगी.
बढ़ी हुई फीस तुरंत वापस कीजिये: कार्यकर्ताओं ने कहा कि कोरोना काल में फीस बढ़ा दी गयी है इसे वापस लिया जाये. इस पर कुलपति ने कहा कि हम 100 रुपये कम करते हैं लेकिन कार्यकर्ताओं का कहना था पूरी फीस वापस ली जाये. इस पर वीसी ने कहा कि वह कमेटी से बात कर इसपर एक्शन लेंगे, पर छात्र तुंरत कार्रवाई के लिए अड़े थे. छात्रों ने कहा कि दूर जिलों से छात्र आते हैं और उनका काम नहीं होता. पेंडिंग बड़ी समस्या है. छात्रों को डिग्री नहीं मिल रही. एमबीए डिग्री का कोई फार्मेट नहीं बना है.
भटकते रहे सीनेटर: सीनेट की बैठक में आये सीनेटर बैठक के लिए सुबह से शाम तक सेंट्रल लाइब्रेरी परिसर में भटकते रहे. कुछ सीनेटररों ने वीसी से नाराजगी भी जतायी. सीनेट में सरकार के प्रतिनिधि मनोज वत्स ने वीसी से कहा कि आप तो फोन ही नहीं उठाते. सीनेटर प्रो शशि कुमारी सिंह ने कहा कि हंगामा करने वाले कुछ छात्र ऐसे भी हैं जो कभी क्लास नहीं आते है. शिक्षकों का सम्मान नहीं करना छात्रों के लिए सही नहीं है.
डीन और इंस्पेक्टर फंसे रहे हॉल में: विद्यार्थी परिषद के हंगामे के कारण विवि के डीएसडब्ल्यू प्रो अभय कुमार सिंह और इंस्पेक्टर ऑफ कॉलेज प्रो प्रमोद कुमार सीनेट हॉल में फंसे रहे. दोनों अधिकारी सुबह ही व्यवस्था देखने हॉल में गये थे और उसके बाद नीचे गेट बंद कर दिया गया. प्रॉक्टर ने कहा कि स्वागत गान करने वाली 11 छात्रायें भी इस हंगामे के कारण ऊपर फंसी हुई हैं.
एआईडीएसओ ने भी किया प्रदर्शन: सीनेट की बैठक में एआईडीएसओ ने भी प्रदर्शन किया. एआईडीएसओ बिहार राज्य सचिव मंडल सदस्य पवन कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय में व्याप्त शैक्षिक अराजकता के कारण छात्रों का भविष्य अंधकार में है. संगठन ने कहा कि विवि व कॉलेज में शैक्षिक माहौल बने. विवि में प्रमाण पत्र के लिए छात्रों की लंबित हजारों आवेदन को एक स्पेशल टीम बनायी जाये. प्रमाण पत्र के शुल्क में की गई बेतहाशा फी वृद्धि वापस ली जाये. ऑनलाइन फॉर्म भरने में होने वाले छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए एक तकनीकी टीम की व्यवस्था की जाए.
छात्र राजद ने दिया ज्ञापन: सीनेट की बैठक के लिए पहुंचे वीसी को छात्र राजद ने पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा. छात्र राजद के प्रदेश महासचिव चंदन यादव ने कहा कि 18 कॉलेजों के संबद्धन रद्द होने से छात्रों का भविष्य अंधकार में है. विवि के द्वारा बिजली बिल नहीं जमा करने से विभागों की भी लाइट काट दी गयी है, जिससे छात्र परेशान हैं. पार्ट थ्री का रिजल्ट अब तक नहीं आया. एक व्यक्ति को दो कॉलेजों के प्राचार्य क्यों बनाया गया है.
अगली बैठक के लिए लेना होगी राजभवन से इजाजत: सीनेट की बैठक के लिए राजभवन से इजाजत लेनी पड़ती है. एक- दो दिन में हमलोग राजभवन से बात करेंगे. लीगल सेक्शन से भी राय ली रही है. बजट को हमलोगों ने सरकार को समय पर भेज दिया है. हमलोग लगातार छात्रों से बात करने की कोशिश कर रहे थे पर वह नहीं माने.
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