
Bharat varta desk:
अवैध खनन मामले में ईडी के बुलावे पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उसके कार्यालय में पहुंच चुके हैं। ईडी की 3 सदस्य टीम ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। खनन घोटाले और अन्य बिंदुओं पर करीब 100 सवाल पूछे जाने की तैयारी है।
लेकिन ईडी कार्यालय निकलने के पूर्व अपने आवास में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने ईडी, केंद्र सरकार और राज्यपाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैं संवैधानिक पद पर बैठा हूं पर ईडी की ओर से ऐसे समन भेजे जा रहे हैं, जैसे मैं देश छोड़ने वाला हूं। लेकिन मेरे राजनीतिक इतिहास में व्यापारियों को छोड़कर कोई राजनीतिज्ञ कभी देश छोड़कर नहीं भागा है। उन्होंने कहा कि साहिबगंज जिले में ईडी ने 1000 करोड़ के अवैध खनन का जो केस किया है वह गलत है। 1000 करोड़ों का घोटाला संभव ही नहीं है क्योंकि इसके लिए यह देखना होगा कि कुल कितना खनन हुआ। जब हमारे कार्यकाल में राजस्व की बढ़ोतरी हुई है, अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई हुई है तो इतने का घोटाला कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार में राजस्व गिरा था, करवाई भी सुस्त हुई थी। उन्होंने कहा कि बिना सही ढंग से जांच पड़ताल किए एजेंसी ने केस किया है।
राज्यपाल साजिश में शामिल
सोरेन ने केंद्र पर सरकार को गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। राज्यपाल को घेरते हुए उन्होंने कहा कि वो साजिश रचने वालों का साथ दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से भेजी गई चिट्ठी पर राज्यपाल अब तक मौन है। उन्होंने कहीं कहा कि चुनाव आयोग से सेकेंड ओपिनियन मांगा गया है यह गलत है। ऐसा वह नहीं कर सकते हैं। उन्होंने जब से झारखंड में पटाखे और बम फूटने की बात कही तब से ईडी की कार्रवाई तेज हो गई है।
राज्यपाल से तटस्थ और निष्पक्ष सोच की आशा की जाती है लेकिन ऐसा झारखंड के राज्यपाल नहीं कर रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा भेजा गया लिफाफा अभी तक नहीं खोला। जब से उनकी सरकार बनी है तब से केंद्र उसे गिराने की साजिश में लगा हुआ है। वर्तमान राज्यपाल साजिश में लगे लोगों को संरक्षण दे रहे हैं। केंद्रीय एजेंसियों को उन्हें परेशान करने के लिए लगाया गया है। मुझे इस बात की भी जानकारी है कि आने वाले दिनों में सरकार से जुड़े विधायकों पर रेड करने की योजना बनाई गई है।
इतना बड़ा घोटाला समझ से परे
सोरेन ने कहा कि अवैध खनन के मामले में मुझे बुलाया गया है। 1000 करोड़ के घोटाले की जो बात आ रही है, वो कहीं से भी संभव नहीं लगता है। एक हजार करोड़ के घोटाले का जिक्र आया है, इसका आधार कैसे बना यह समझ से परे है। इतने बड़े घोटाले के लिए कितना खनन होगा ये सोचने की जरूरत है। यह आरोप कहीं से संभव नहीं। एजेंसी को पूरी विस्तृत जानकारी होनी चाहिए।
सीएम आवास में जुटे विधायक, सुरक्षा बढ़ी
इस पूछताछ के मद्देनजर ईडी कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। राजभवन और भाजपा कार्यालय को भी सुरक्षा घेरे में लिया गया है। महागठबंधन के विधायक मुख्यमंत्री आवास में जुटे हुए हैं और जब तक मुख्यमंत्री ईडी कार्यालय में रहेंगे तब तक विधायक मुख्यमंत्री आवास में मौजूद रहेंगे। ईडी कार्यालय से लौटने के बाद मुख्यमंत्री विधायकों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तैयार करेंगे।
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