
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ससुराल में यदि किसी महिला के साथ मारपीट होती है तो उसके दी उसका पति ही जिम्मेदार होगा. प्रधान न्यायाधीश एस.ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि अगर ससुराल में महिला की पिटाई होती है तो उसकी चोटों के लिए मुख्य रूप से पति ही दोषी माना जाएगा. भले पिटाई पति के रिश्तेदारों ने की हो. अदालत ने पत्नी की पिटाई के मामले में आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया. आरोपी के वकील ने बार-बार अग्रिम जमानत के लिए जोर दिया तो कहा, ‘पत्नी का आरोप है कि आप (आरोपी) गला घोंटकर उसकी जान लेने वाले थे. उनका कहना है कि आपने जबरन गर्भपात कराया. आप किस तरह के मर्द हैं, जो पत्नी को क्रिकेट बैट से पीटते हैं?’ जब वकील ने कहा कि आरोपी ने नहीं उसके पिता ने बैट से महिला की पिटाई की थी तो जज ने कहा, ‘इससे फर्क नहीं पड़ता कि वह आप (पति) थे या आपके पिता. जब ससुराल में महिला को यातनाएं दी जाती हैं तो मुख्य रूप से जिम्मेदारी पति की बनती है.
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