राज्य विशेष

पटना में ‘ग्रैंड ट्रंक रोड इनेसिएटिव’ का आयोजन 27 और 28 फरवरी को, जुटेंगे देश-दुनिया के प्रबुद्ध जन

ऐतिहासिक पृष्टभूमि पर मंथन कर भविष्य का नया आयाम तैयार करने की सार्थक पहल है – जीटीआरआई

पटना: भगवान बुद्ध और जैन की पावन भूमि बिहार, सिर्फ धार्मिक इतिहास को ही अपने में समेटे हुए नहीं है।बल्कि, इसके अन्यत्र भी इसकी एक विशिष्ट पहचान रही है, जो आर्थिक पृष्ठभूमि से जुड़ी है। इतिहास के ऐसे ही एक स्वर्णिम पहलू को मौजूदा संदर्भ में इसे फिर से उकेरते हुए भविष्य के नये आयाम को तैयार करने की सार्थक कोशिश की जा रही है। इसका नाम है, जीटीआरआई – ‘ग्रैंड ट्रंक रोड इनेसिएटिव’। बिहार की ऐसी ऐतिहासिक सड़क जो यहां के आर्थिक विकास और उत्थान में बेहद खास महत्व रखती थी। सामाज को आर्थिक सबलता प्रदान करने के साथ ही समृद्धि के नये द्वार खोलने के इस बेहद अहम माध्यम पर आज के संदर्भ में फिर से विशेष ध्यान केंद्रित करने की कवायद की जा रही है। यह आज भी उतना ही महत्व रखता है। गौण हो चुके इस विशेष मसले पर मंथन के जरिये भविष्य के नये आयामों को तैयार करने की सार्थक पहल की जा रही है।

इसकी महत्ता को समझते हुए मौजूदा दौर में दो दिनों का अतिविशेष आयोजन होने जा रहा है। 27 और 28 फरवरी को शहर में इस पर सारगर्भित मंथन करने के लिए एक अतुल्य आयोजन ‘ग्रैंड ट्रंक इनेसिएटिव’ के नाम से किया जा रहा है। लेमन-ट्री होटल में होने वाले इस समागम में देश-दुनिया के 150 से ज्यादा प्रबुद्ध जन जुटेंगे, जो अलग-अलग विषयों पर अपना दृष्टि-पत्र प्रस्तुत करेंगे। इसमें उद्योग, व्यवसाय, प्रशासन, आर्थिक, सामाजिक, मीडिया समेत अन्य सभी प्रमुख क्षेत्रों की नामचीन हस्तियां शामिल होंगी। इनका उद्बोधन बिहार के विकास को नयी दिशा प्रदान करने में बेहद सहायक साबित होगा।

दो दिनों के इस व्यापक आयोजन में अलग-अलग विषयों पर आधारित पांच सत्र होंगे। इसमें पहला सत्र- इसके इतिहास पर आधारित होगा, दूसरा सत्र- टिकाऊ आर्थिक विकास पर परिचर्चा, तीसरा- तकनीक, व्यावधान एवं अस्तित्व में रहने की कवायद, चौथा सत्र नये समय की मीडिया की भूमिका, प्रभाव एवं जवाबदेही तथा पांचवां सत्र बिहार में कृषि क्षेत्र में हुए बदलाव और कृषि में श्रृण की स्थिति पर आधारित होगा। इन पांच सत्रों में अलग-अलग विषयों से जुड़े सभी पहलुओं पर एक्सपर्ट की राय-शुमारी होगी। इसके बाद एक खुला संवाद भी होगा, जिसमें विचारों का आदान-प्रदान होने के साथ ही सवाल-जवाब भी होंगे। सभी की जिज्ञासा का समाधान भी पैनल में मौजूद एक्सपर्ट करेंगे।

प्रत्येक सत्र दो घंटे के होंगे। सभी सत्र में पांच स्पीकर होंगे, जिनका 20 मिनट का संबोधन होगा। इस तरह सभी पांच सत्रों में 23 से 25 प्रमुख स्पीकर होंगे।

यह होंगे कार्यक्रम

27 फरवरी (शनिवार)- सुबह साढ़े आठ बजे से साढ़े 11 बजे तक निबंधन, साढ़े 10 बजे से साढ़े 12 बजे तक पहला सत्र, दूसरा सत्र दोपहर डेढ़ से साढ़े तीन बजे तक और तीसरा सत्र शाम चार से छह बजे तक चलेगा। समापन के बाद भव्य रात्रि भोज होगा।

28 फरवरी (रविवार)- सुबह साढ़े नौ से साढ़े 10 तक निबंधन, सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक चौथा और पांचवां एवं अंतिम सत्र सवा 12 बजे से सवा एक बजे तक होगा। इसके बाद दोपहर डेढ़ बजे से ढाई बजे तक दोपहर का भोजन होगा।
दोपहर ढाई बजे प्रेस वार्ता होगी।

Ravindra Nath Tiwari

तीन दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय। 17 साल हिंदुस्तान अखबार के साथ पत्रकारिता के बाद अब 'भारत वार्ता' में प्रधान संपादक।

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