
पटना: जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा के कुलपति प्रो फारुख अली द्वारा दिनांक – 01.12.2020 से 31.01.2021 तक कुल 71.70 करोड़ रुपये (सुगमांक) का किये गए वित्तीय लेन-देन के सबंध में राजभवन द्वारा स्पष्टीकरण मांगा गया था। कुलपति द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया गया। अब राजभवन ने विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। जांच समिति का अध्यक्ष ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रो सुरेंद्र प्रताप सिंह को बनाया गया है। पटना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो गिरीश कुमार चौधरी और के.एस.डी. संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा के वित्तीय सलाहकार कैलाश राम जांच समिति के सदस्य बनाये गए हैं। जांच समिति को एक माह के अंदर जांच प्रतिवेदन कुलाधिपति सह राज्यपाल को समर्पित करना होगा।
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