
Bharat Varta desk:
जमीन घोटाले मामले में रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन
और उनकी पत्नी के खिलाफ ED झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में 22 ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इसमें कई अधिकारी, कर्मचारी और जमीन के दलाल भी शामिल हैं। छवि रंजन के रांची और जमशेदपुर स्थित घर में नोट गिनने के लिए मशीनें मंगाई गई है। नामकुम सीओ विनोद प्रजापति, बड़गाई सीओ भानू प्रताप के ठिकानों पर भी रेड चल रहा है।
सेना की जमीन बेच देने का मामला
फरवरी 2018 में कारोबारी विष्णु अग्रवाल ने महुआ मित्रा और संजय कुमार घोष से 3.75 एकड़ जमीन खरीदी। इस जमीन के बदले 24.37 करोड़ रुपये का भुगतान किया। जमीन सिरमटोली चौक के पास थी। दावा किया गया जमीन भारतीय सेना के कब्जे में है। विष्णु अग्रवाल ने जमीन की रजिस्ट्री के आधार पर जमीन पर दावा किया। रांची में भारतीय सेना का महत्वपूर्ण बेस है, जमीन दलालों ने जमीन के एक बड़े हिस्से पर कथित रूप से कब्जा कर लिया था और धोखे से जमीन बेच दी गयी। बताया जा रहा है कि जमीन की खरीद-बिक्री से पूर्व डीसी छवि रंजन की मिलीभगत से हुई है। इसी मामले में ईडी ने विष्णु अग्रवाल से पूछताछ भी की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विष्णु अग्रवाल पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले का रहने वाला है। वह पश्चिम बंगाल से लेकर रांची तक कई होटलों का मालिक है। उसका रियल स्टेट का भी बड़ा धंधा है।
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