
पटना संवाददाता: गुरुवार को बिहार के शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने कार्यभार संभाल लिया. उसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा में योग्य शिक्षकों की नियुक्ति उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी . उन्होंने कहा कि पहले किसी शिक्षण संस्थान को लोग उसके शिक्षकों के कारण जानते थे. उन्होंने उदाहरण दिया कि पटना विश्वविद्यालय को भवन और उसके संसाधनों के कारण लोग नहीं जानते थे. इस विश्वविद्यालय में ऐसे -ऐसे शिक्षक थे जो पूरे देश में जाने जाते थे. उनके कारण ही इस विश्वविद्यालय का नाम समूचे देश में रौशन था. आज भी बिहार के कई शिक्षक हैं जो दिल्ली तक पढ़ाने जाते हैं. शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों को सलाह दी है कि जहां भी हैं अच्छे से पढ़ाने का काम करें. उन्होंने कहा कि शिक्षकों को नियोजन के लिए कोर्ट नहीं जाने दिया जाएगा. नियम संगत ढंग से नियोजन की प्रक्रिया पूरी होगी. शिक्षा मंत्री ने यह noभी कहा कि जैसा कि सब लोग जानते ही हैं कि कोरोना के कारण बहुत दिनों से पढ़ाई बाधित है. केंद्र सरकार की गाइड लाइन के अनुसार सुरक्षा उपयोग का पालन करते हुए पढ़ाई की व्यवस्था को पटरी पर लाया जाएगा.
मंत्री के विभाग में पहुंचने पर प्रधान सचिव संजय कुमार के नेतृत्व में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया. प्रधान सचिव ने उन्हें कई पुस्तकें भेंट की वहीं विभाग के अन्य लोगों ने गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया.
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