
Bharat varta desk:
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि वकीलों की ‘खराब सेवा’ के लिए उपभोक्ता अदालत में केस नहीं चलाया जा सकता है। वकील उपभोक्ता संरक्षण कानून के दायरे में नहीं आते हैं। जस्टिस बेला एम त्रवेदी और जस्टिस पंकज मित्तल की बेंच ने कहा कि फीस देकर कोई भी काम करवाने को कंज्यूमर प्रोटेक्शन ऐक्ट की ‘सेवा’ के दायरे में नहीं रखा जा सकता। अदालत ने कहा कि वकील जो भी सेवा देते हैं वह अपने आप में अलग तरह की है। ऐसे में इस कानून से उन्हें बाहर रखा जाना चाहिए।
Bharat varta Desk बिहार सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय प्रशासनिक… Read More
Bharat varta desh बिहार सरकार ने कई वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारियों का तबादला कर दिया… Read More
Bharat varta Desk मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की तैयारी कर रहे लाखों स्टूडेंट के लिए… Read More
Bharat varta Desk मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की तैयारी कर रहे लाखों स्टूडेंट के लिए… Read More
Bharat varta desk केरल की राजनीति में पिछले 10 दिनों से चल रहा मुख्यमंत्री चेहरे… Read More
Bharat varta Desk केंद्र सरकार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के निदेशक प्रवीण सूद का… Read More