
पटना भारत वार्ता संवाददाता
दुर्लभ बीमारी का शिकार 10 महीने का मासूम आयांश जीना चाहता है। मगर यह तभी संभव है जब आप, हम और सरकार चाहे। उसे बचाने के लिए ₹120 करोड़ की सुई लगानी होगी। यह सुनकर सहरसा किसी को भी आश्चर्य होता है मगर बीमारी ही ऐसी है जिसका इलाज बहुत महंगा है।
पटना के रूपसपुर रुकनपुरा में रहने वाला आयांश का परिवार इलाज का पूरा खर्चा वहन करने में सक्षम नहीं है।
आलोक कुमार सिंह और नेहा सिंह के बेटे अयांश को SMA (Spinal Muscular Atrophy type -1) नाम की दुर्लभ बीमारी है. अयांश मात्र 10 महीने का है। वह जब 2 महीने का था तो इस बीमारी का पता लगा था।
इस बीमारी का शिकार बच्चे का अंग धीरे- धीरे काम करना बंद कर देते हैं। आयांश के गर्दन के एक हिस्से ने काम करना बंद कर दिया है।बंगलुरू के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एन्ड न्यूरो साइंस में आयांश का इलाज चल रहा है। कई विधायक और कारोबारियों तथा आम लोगों ने चंदे दिए हैं मगर उसके इलाज के लिए ₹12 करोड़ चाहिए। भाजपा और कांग्रेस के विधायकों ने आज विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया। सरकार से मांग की गई कि आयांश को इलाज कराकर बचाया जाए। देखना है कि इसमें सरकार क्या करती है। अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है।
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