
रांची संवाददाता: झारखंड के मुख्य सचिव और कार्मिक विभाग के प्रधान सचिव के खिलाफ एससी-एसटी अत्याचार अधिनियम के तहत कार्रवाई हो सकती है। विधानसभा समिति ने सरकार से कार्रवाई का आग्रह किया है। समिति का आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने गुमराह किया है। दोनों अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का भी आरोप है। बुधवार को अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के पदाधिकारियों की प्रोन्नति मामले में गठित विधानसभा की विशेष कमेटी ने 365 पेज की अपनी रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष को उनके आवास पर सौंप दी है। स्पीकर रबींद्रनाथ महतो को विधायक बंधु तिर्की और दीपक बिरुआ ने रिपोर्ट सौंपी। स्पीकर रबींद्रनाथ महतोने ने कहा कि आज तक विधानसभा की जो परिपाटी हैं विधानसभा से भेजी गयी अनुसंशा को सरकार मान लेती है। विश्वास और उम्मीद है सरकार इसपर उचित कार्रवाई करेगी। विधानसभा समिति ने कहा है कि प्रोन्नति के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश का पत्र जारी करने के बाद सभी प्रकार की प्रवृत्तियों पर लगी रोक को हटाया जा सकता है। कहा कि सरकार एससी और एसटी लोगों को प्रोन्नति से वंचित कर सामान्य वर्ग को दी गयी प्रोन्नति के तमाम फैसले वापस ले। एसटी एससी के लोगों को भूतलक्षी प्रभाव से प्रोन्नति का लाभ मिले। इसमें समिति के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा हैं। विधानसभाध्यक्ष को विशेष धन्यवाद है इन्होने समिति को तीन बार समय विस्तार का मौका दिया। इसके परिणाम स्वरूप समिति द्वारा यह रिपोर्ट तैयार किया गया।
Bharat varta Desk प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए अपर और… Read More
Bharat varta Desk प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने… Read More
पटना, भारत वार्ता संवाददाता : बिहार में अंचलाधिकारी (CO) और राजस्व कर्मचारियों (RO) की हड़ताल… Read More
Bharat varta Desk बिहार कैडर के चार आईपीएस अधिकारियों को अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) से… Read More
पटना : जानकी देवी महिला महाविद्यालय, पटना में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय… Read More
Bharat varta Desk बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया… Read More