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बिहार में कोरोना काल के दौरान हुए मौत के आंकड़े को आम लोगों को उपलब्ध नहीं कराए जाने पर पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के प्रति गहरी नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने कहा कि जन्म और मृत्यु के आंकड़ों के बारे में जानना जनता का मौलिक अधिकार है। चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एस कुमार की खंडपीठ ने यह भी कहा कि सरकार को चाहिए कि जन्म और मृत्यु से संबंधित आंकड़े को डिजिटल पोर्टल पर अपडेट करे। उन्होंने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार को रोना काल में हुई मृत्यु के आंकड़ों को सार्वजनिक करने के लिए इच्छुक नहीं है। कोर्ट ने कहा कि आज के दौर में जब केंद्र एवं राज्य सरकार डिजिटल इंडिया को प्रमुख कार्यक्रम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तो ऐसे में सरकार का यह कर्तव्य होता है कि राज्य की 10 करोड़ से अधिक जनता को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कोरोना काल में हुई मौतों की सही संख्या उजागर करे। यह इसलिए भी जरूरी है ताकि लोगों को सरकार की योजना का लाभ मिल सके।
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