
Bharat varta desk:पंजाब हाईकोर्ट ने कहा है कि युवा होने पर मुस्लिम लड़की अपनी पसंद से शादी के लिए स्वतंत्र है। यदि जोड़ा बराबरी का है तो अभिभावक को इस पर रोक लगाने का कोई अधिकार नहीं है। परिवार के खिलाफ जाकर हिंदू लड़के से शादी करने वाली मुस्लिम लड़की की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने दोनों को सुरक्षा देने का आदेश दिया है।
दरअसल, एक याचिका में बताया गया कि 17 साल की मुस्लिम लड़के ने 33 साल से हिंदू लड़के से शादी कर ली। दोनों ने परिवार वालों के खिलाफ जाकर विवाह किया है और उनकी जान को खतरा है। शासन को उन्हें सुरक्षा प्रदान करने का आदेश देते हुए कोर्ट ने कहा कि केवल इसलिए कि याचिकाकर्ताओं ने अपने परिवार के मर्जी के बगैर शादी कर ली है, उन्हें संविधान में परिकल्पित मौलिक अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता है।
Bharat varta Desk अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी के मामले… Read More
Bharat varta Desk डॉ. महेश दीक्षित को भारत की प्रमुख खुफिया एजेंसी, खुफिया ब्यूरो (IB)… Read More
Bharat varta Desk भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर प्रदेश में अपनी नई टीम का… Read More
Bharat varta Desk पटना हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा भरत तिवारी एनकाउंटर… Read More
Bharat varta Desk बिहार में भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर मामले के विरोध में आज भोजपुर… Read More
Bharat varta Desk रेल मंत्रालय की कंपनी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन के चेयरमैन… Read More