
पटना, भारत वार्ता संवाददाता: पंचायत चुनाव की ड्यूटी के दौरान किसी सरकारी कर्मचारी की कोरोना वायरस या उग्रवादी हिंसा से मौत होगी तो सरकार उनके आश्रितों को मुआवजा के रूप में 30 लाख देगी. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर मंजूरी दी गई. बैठक में कुल 35 एजेंडों पर मोहर लगाई गई है. राज्य के नौ प्रमंडलों में क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला स्थापित होंगी. मंत्रिमंडल ने फोरेंसिक साइंस लैब के संचालन के लिए 218 पद सृजित किये है. जिन बालू घाटों की बंदोबस्ती 31 मार्च को समाप्त हो रही है वैसे घाट के बंदोबस्तधारी 50 फीसद अधिक बंदोबस्त राशि देकर 30 सिंतबर तक के लिए अवधि विस्तार पा सकते हैं.
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