
नई दिल्ली, डॉ. ऋषिकेश : प्रतिमा भौमिक त्रिपुरा की अगली मुख्यमंत्री बन सकती हैं। यदि ऐसा हुआ तो यह उत्तर-पूर्वी राज्यों के इतिहास में एक बड़ी घटना होगी।
त्रिपुरा में बीजेपी ने 32 सीटें जीतकर एक बार फिर पूर्ण बहुमत से सरकार बना ली है। अब त्रिपुरा में बीजेपी सीएम पद पर किसे सामने लेकर आएगी इसे लेकर चर्चा तेज है। सिसायी गलियारों में चर्चा है कि त्रिपुरा को इस बार महिला मुख्यमंत्री मिल सकती है।
हालांकि चुनाव से पहले बीजेपी ने माणिक साहा को सीएम के चेहरे के रूप में दिखाया था, लेकिन अब खबरें है कि सीएम पद के लिये दूसरे नामों पर चर्चा की जा रही है।
प्रतिमा भौमिक के पक्ष में महिला होने के साथ-साथ राजनीतिक सुचिता, सादगी, ईमानदारी और जमीनी कार्यकर्ता जैसे फैक्टर काम कर रहे हैं। वे केंद्र सरकार में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री हैं।
भौमिक मुख्यमंत्री बनतीं हैं, तो वे उत्तर-पूर्वी राज्यों में पहली महिला मुख्यमंत्री बनेंगी।
त्रिपुरा पश्चिम से सांसद प्रतिमा भौमिक धनपुर से विधानसभा का चुनाव जीती हैं। चुनाव के दौरान बंगाली में केवल एक ही नारा लगा था- धनपुर निजेर में के ई चाय (धनपुर इस बार चुनाव में अपनी बेटी को वोट देकर जीता देगा)। वाम मोर्चा से त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री रहे माणिक सरकार की पारंपरिक सीट से जीत का परचम लहरा कर प्रतिमा काफी चर्चा में है। उन्हें अभी मुख्यमंत्री पद का सबसे बड़ा दावेदार बताया जा रहा है।
संघर्षों से भरा है प्रतिमा का राजनीतिक सफर
प्रतिमा का राजनीतिक सफर संघर्षों से भरा हुआ है। वे त्रिपुरा के इतिहास में पहली महिला हैं जो सांसद बनने के बाद केंद्र में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बनीं। वे साल 1991 से बीजेपी से जुड़ी। 1991 में वह धनपुर विधानसभा क्षेत्र की मंडल अध्यक्ष बनीं थी।
कभी वो पार्टी के दफ्तर में झाड़ू लगाया करती थीं। राजनीतिक मुकाम मिलने के बाद भी वे भाजपा और सरकार में ईमानदारी और सादगी की मिसाल मानी जाती हैं। वे अविवाहित हैं और एक छोटे से घर में रहती हैं। पिछले दिनों एक लाइव इंटरव्यू में देश के लोगों को जानकारी मिली थी कि इस केंद्रीय मंत्री के घर में ताला नहीं लगाया जाता है। इस पर उन्होंने यह बताया था कि उनके घर पर ना कोई जेवश्र है और ना कोई पैसे तो फिर ताले लगाने की क्या जरूरत? वे महंगी साड़ियां नहीं पहनती हैं। सिर्फ सूती साड़ियां पहनती हैं। उन्होंने इंटरव्यू में यह भी बताया था कि उन्हें आठवीं क्लास तक पैर में पहनने के लिए चप्पल नहीं थे।
बिहार के संजय मयूख को भाई बताती हैं प्रतिमा भौमिक
प्रतिमा भौमिक का बिहार से भी बेहद आत्मीय जुड़ाव रहा है। वे बिहार के रहने वाले भाजपा के विधान पार्षद और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व राष्ट्रीय सह मीडिया प्रभारी डॉ. संजय मयूख से काफी नजदीक मानी जाती हैं। दोनों में भाई-बहन का संबंध है। पिछले दिनों दिए गए एक टीवी न्यूज चैनल इंटरव्यू में उन्होंने संजय मयूख का नाम लिया था और बताया था कि राजनीति में उनसे उन्हें काफी सहयोग मिला है। उन्होंने कहा था कि संजय मयूख से मेरा भाई-बहन का संबंध है।
बता दें कि संजय मयूख को भी भाजपा का जमीनी नेता माना जाता है। उनकी सादगी भी चर्चा में रहती है। वे आज भी बिना अंगरक्षक पटना की सड़कों पर मोटरसाइकिल से घूमते दिख जाते हैं। दिल्ली भाजपा मुख्यालय में संजय मयूख का पार्टी के कार्यकर्ताओं से आत्मीय लगाव भी देखते बनती है।
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