
Bharat varta desk: झारखंड सरकार के अपर लोक अभियोजक और वरिष्ठ अधिवक्ता रजनीश बर्धन को बिहार पुलिस ने बिना कानूनी प्रक्रिया का पालन किए उठाकर पटना ले गई है। इस पर झारखंड हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस आनंद सेन की पीठ ने इस गिरफ्तारी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि पटना पुलिस वकील का अपहरण कर ले गई है। ऐसे में क्यों नहीं दोषी पुलिसकर्मियों पर एफ आई आर दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने बिहार के गृह सचिव को पार्टी बनाते हुए पटना और रांची एसएसपी से इस संबंध में जवाब मांगा है। 25 नंबर तक जवाब देने को कहा गया है। कोर्ट ने कहा है कि घरवालों को वकील की गिरफ्तारी का पुलिस ने कारण नहीं बताया और रात को उन्हें घर से उठा लिया। यह पूरी तरह कानून को हाथ में लेने जैसा है। जानकारी हो कि वकील की पत्नी ने कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर किया था और कल ढंग से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी कोर्ट को दी थी। कोर्ट ने वकील की पत्नी की याचिका को स्वीकार कर लिया और अवकाश के बाद भी कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई की।
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