
पटना, भारत वार्ता संवाददाता : बिहार में अंचलाधिकारी (CO) और राजस्व कर्मचारियों (RO) की हड़ताल लगातार जारी है, जिससे दाखिल-खारिज और जमीन से जुड़े अन्य कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच राजधानी पटना के होटल राजजाट, गायघाट परिसर में मंगलवार को आयोजित “महा-जुटान 2” में 700 से अधिक अधिकारियों की भागीदारी ने आंदोलन की मजबूती का संकेत दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने अपनी मांगों को सेवा-संबंधी एवं न्यायसंगत बताते हुए आंदोलन जारी रखने का निर्णय दोहराया। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई सरकार से नहीं, बल्कि न्याय और अपने अधिकारों के लिए है तथा पटना हाई कोर्ट के आदेशों का पूर्ण अनुपालन उनकी प्रमुख मांग है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बिहार राजस्व सेवा से संबंधित मांगों- विशेष रूप से सेवा नियमावली के अंतर्गत पदों के पुनर्संरचना तथा DCLR, DLAO आदि पदों पर राजस्व सेवा के पदाधिकारियों की पदस्थापना को लेकर सामूहिक रूप से अपनी बात रखना था।
इस अवसर पर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि उनकी मांगों का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता एवं न्याय सुनिश्चित करना है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि इन मांगों को किसी भी प्रकार से भ्रष्टाचार-निरोधी प्रयासों के विरोध के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने उच्च न्यायालय के निर्देशों एवं न्यायिक मंतव्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि संबंधित पदों पर राजस्व अधिकारियों की पदस्थापना को उचित ठहराया गया है। इसके बावजूद इन पदों को अन्य सेवाओं में समाहित करने के प्रयासों पर प्रश्न उठाए गए।
संयुक्त महासंघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि अपनी मांगों की पूर्ति के लिए संवाद, लिखित अनुरोध तथा न्यायालय की शरण जैसे सभी वैधानिक प्रयास किए गए हैं, किंतु अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण पदाधिकारी सामूहिक अवकाश पर जाने को बाध्य हुए हैं।
महा-जुटान 2 में उपस्थित अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि RO/CO का सामूहिक अवकाश न तो समाप्त हुआ है और न ही कमजोर पड़ा है। कुछ अपवादों को छोड़कर कोई भी अधिकारी कार्य पर नहीं लौटा है तथा प्रतिदिन अवकाश पर जाने वाले अधिकारियों की संख्या बढ़ रही है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सरकारी दावों के विपरीत कोई भी अधिकारी रिक्त अंचलों का प्रभार लेने के लिए आगे नहीं आ रहा है।
वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि न्यायालय के आदेशों के पूर्ण अनुपालन तथा BRS अधिकारियों को राजस्व सेवा के पदों पर पदस्थापन होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सामूहिक अवकाश को लेकर विभाग द्वारा किए जा रहे दावे वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाते हैं, जिसकी पुष्टि कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों की संख्या एवं तस्वीरों से होती है।
अंत में, सभी उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने संकल्प लिया कि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण, वैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाते रहेंगे तथा जब तक प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक सामूहिक अवकाश जारी रहेगा।
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