
Bharat Varta Desk: सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एन वी रमना ने कहा है कि पुलिस स्टेशन मानवाधिकारों और मानवीय सम्मान के लिए सबसे बड़ा खतरा है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक चीफ जस्टिस ने कहा कि संवैधानिक गारंटी के बाद भी पुलिस हिरासत पर उत्पीड़न और मौत अभी भी प्रचलन में है। हाल की रिपोर्टों को देखा जाए तो विशेषाधिकार प्राप्त लोग भी थर्ड डिग्री व्यवहार से बच नहीं पाते हैं।
जस्टिस रमना दिल्ली के विज्ञान भवन मेंनेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी के ऐप को जारी करने के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने साथी जजों से कहा कि देश का कमजोर और वंचित वर्ग न्याय व्यवस्था के दायरे से बाहर है। न्याय व्यवस्था को यदि कमजोर और वंचित वर्ग का विश्वास हासिल करना है तो उन्हें बताना होगा कि वह उनके लिए मौजूद है।महंगा और देर से मिलने वाला न्याय गऱीब लोगों को क़ानून की शरण में जाने से हतोत्साहित करता है।
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