
Bharat Varta desk: कोरोना महामारी के क्रूर पंजों ने देशभर में 9346 बच्चों से उनके माता-पिता को छीन लिया. उन्हें अनाथ बना डाला है. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने देश की सर्वोच्च अदालत को मंगलवार को यह जानकारी दी. आयोग ने बताया कि 29 मई तक राज्यों की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक 9346 ऐसे बच्चें हैं, जो कोरोना महामारी के कारण बेसहारा और अनाथ हो गए हैं या फिर अपने माता-पिता में से किसी एक को खो दिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों से कहा है कि वह 7 जून तक बाल संरक्षण आयोग की वेबसाइट ‘बाल स्वराज’ पर डेटा अपलोड करें और कोरोनावायरस से प्रभावित हुए बच्चों का अपडेट उपलब्ध कराएं. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट बाल गृहों में कोरोना संक्रमण के फैलने पर स्वत संज्ञान लेते हुए एक मामले में सुनवाई कर रहा है.
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