
रांची, भारत वार्ता संवाददाता: पूर्व सांसद अभय कांत प्रसाद के नेतृत्व में आज गुरुवार को वित्त रहित संयुक्त शैक्षणिक मोर्चा का एक प्रतिनिधि मंडल राज्यपाल से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। मोर्चा के प्रतिनिधियों ने कहा कि 2015 में अनुदान संशोधित नियमावली बन गई है। परंतु आज तक संस्कृत विद्यालयों को दोगुना अनुदान नहीं मिल रहा है। उनके सामने भूखमरी की स्थिति आ गई है। मोर्चा के प्रतिनिधियों ने महामहिम से कहा कि 2 वर्षों से इंटरमीडिएट शिक्षक- कर्मचारी सेवा शर्त नियमावली विभाग में पड़ी हुई है। अभी तक विभाग मंत्री परिषद से सहमति नहीं लिया है ।
मोर्चा के प्रतिनिधियों ने महामहिम से कहा कि संथाल परगना क्षेत्र में मदरसा विद्यालयों के लिए भूमि के शर्त में जो छूट दी गई है , वह अन्य संस्थाओं को भी दिया जाए। ताकि अन्य संस्थाओं
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