बिहार स्टार्ट-अप पुरस्कार – 2024 : मेडिवाईजर प्रा. लि. को मिला बेस्ट स्टार्ट-अप ऑफ द ईयर का पुरस्कार

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  • वेदप्रभा एयरो स्पेस को फर्स्ट रनर अप तथा बिरो पावर प्रा. लि. को सेकण्ड रनर अप का खिताब
पटना : उद्योग विभाग द्वारा राष्ट्रीय स्टार्ट-अप दिवस के अवसर पर अधिवेशन भवन में स्टार्ट-अप अवार्ड-2024 का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन विभाग के अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक, हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय के निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय, विशेष सचिव दिलीप कुमार, चन्द्रगुप्त प्रबंधन संस्थान के निदेशक डाॅ. राणा सिंह आदि ने किया। उद्घाटन सत्र में स्टार्ट-अप उद्यमियों को सम्बोधित करते हुए अपर मुख्य सचिव संदीप पौण्डरीक ने कहा कि हर शुरूआत छोटी होती है और लगातार प्रयास करते रहने से बड़ी सफलता हासिल होती है। उन्होंने कहा कि बड़े आइडिया को इम्पलीमेन्ट करने में कम से कम दस हजार घंटे का समय लगता है। जो लोग बिना हिम्मत हारे लगातार प्रयास करते हैं वे आसमान की ऊँचाईयों को छूते हैं। कवि दुष्यंत कुमार की पंक्तियों - कौन कहता है आसमाँ में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों के माध्यम से स्टार्ट-अप उद्यमियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रयास करते रहें, सफलता जरूर मिलेगी। समापन सत्र में उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में तेज विकास के लिए प्रयास किये जा रहे हैं और उसमें कामयाबी भी मिल रही है। बिहार का इतिहास स्वर्णिम रहा है। उद्यमी बिहार को स्वर्णिम बनाना हमारा लक्ष्य है। जब हम तेज गति से आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं तो समस्याएँ आती हैं। हर समस्या का समाधान होता है। स्टार्ट-अप के क्षेत्र में हमने जो प्रभावशाली कदम उठाए हैं, उनकी बदौलत बिहार में 500 से अधिक स्टार्ट-अप खुल चुके हैं। एक समय था, जब बिहार में स्टार्ट-अप की बात को मजाक माना जाता था। लेकिन हमने मिलकर प्रयास किया तो तस्वीर बदल गयी। लोगों की सोच बदल गई। स्टार्ट-अप इको सिस्टम में बिहार लगातार बेहतर कर रहा है। यही कारण है कि राष्ट्रीय स्तर पर आज बिहार को एस्पायरिंग लीडर इन डेवलपिंग ए स्ट्रांग स्टार्ट-अप इको सिस्टम का राष्ट्रीय स्टार्ट-अप अवार्ड मिला है। हम सबको मिलकर बिहार को मजबूत बनाना है। बिहार की बुद्धि का देश में कोई जोर नहीं है। स्टार्ट-अप के क्षेत्र में जब आपलोग बढं़ेगे तो बिहार बढ़ेगा। हम सब बढ़ेंगे। 
समीर कुमार महासेठ ने कहा कि लगातार काम करने से ही बिहार को उद्योग के मामले में हर प्रकार का सम्मान मिल रहा है। पिछले साल एम.एस.एम.ई. का राष्ट्रीय पुरस्कार और फूड प्रोसेसिंग का राष्ट्रीय पुरस्कार बिहार को मिला। इस साल स्टार्ट-अप अवार्ड मिला है। हम चाहते हैं कि बिहार में प्रारंभ हो रहे स्टार्ट-अप अपनी ग्लोबल पहचान बनाएँ और यहाँ के स्टार्ट-अप उद्यमी न सिर्फ राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करें बल्कि पूरी दुनिया में छा जाएँ। 
इस अवसर पर बिहार स्टार्ट-अप द्वारा शानदार प्रदर्शन करने वाले बिहार स्टार्ट-अप कम्पनियों को अवार्ड भी दिया गया। मेडिवाईजर प्रा. लि. को बेस्ट स्टार्ट-अप ऑफ द ईयर का पुरस्कार उद्योग मंत्री समीर कुमार महासेठ ने दिया। कम्पनी के फाउण्डर नीरज कुमार झा ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। वेदप्रभा एयरो स्पेस लि. को फर्स्ट रनर अप तथा बिरो पावर प्रा. लि. को सेकण्ड रनर अप का पुरस्कार दिया गया। वेदप्रभा एयरो स्पेस के फाउण्डर मनीष दीक्षित और बिरो पावर के फाउण्डर रजनीश कुमार ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। बेस्ट महिला नेतृत्व वाली स्टार्ट-अप का पुरस्कार ग्रामश्री किसान प्रा. लि. को मिला, जिसकी फाउण्डर आस्था सिंह ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। इसके अलावा कृषि के क्षेत्र में बेस्ट स्टार्ट-अप का पुरस्कार एग्रीक्स एग्रोटेक के डाॅ. निलय पाण्डेय को, सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बेस्ट स्टार्ट-अप का पुरस्कार गौद्रिका डिजिटल लेबर प्रा. लि. के चन्द्रशेखर मंडल को, ई-काॅमर्स के क्षेत्र में फ्लोएपिस के फाउण्डर प्रखर कुमार सिंह को, ई-व्हीकल के क्षेत्र में इलेक्ट्रीक ऑटोमोटिव के फाउण्डर धीरज कुमार को और एडुटेक में स्कूल जी लिंक के हिमांशु अग्रवाल को पुरस्कृत किया गया।
फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में बेस्ट स्टार्ट-अप का अवार्ड गोरौल फूड्स एण्ड बेवरेज के सचिन कुमार को, हेल्थ टेक में बेस्ट स्टार्ट-अप का अवार्ड कोग्नोस्मेड लेबोरेट्रीज के अजय कुमार को और टेक्नोलाॅजी एवं ड्रोन के क्षेत्र में बेस्ट स्टार्ट-अप का अवार्ड सर्व सुविधाएँ प्रा. लि. के अतुल आनन्द को दिया गया।  राष्ट्रीय स्टार्ट-अप दिवस पर आयोजित तीन अलग-अलग सत्रों की अध्यक्षता विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, पर्यटन एवं आई.टी. विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह और दरभंगा काॅलेज ऑफ इंजीनियरिंग के प्राचार्य संदीप तिवारी ने किया। सूचना प्रावैधिकी विभाग के विशेष सचिव अरविन्द कुमार चैधरी, चन्द्रगुप्त प्रबंधन संस्थान के निदेशक डाॅ. राणा सिंह, चाणक्या विधि विश्वविद्यालय के इनक्यूबेशन सेन्टर के डाॅ. मो. सैफुला, इंडिया इन्स्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलाॅजी, पटना के इनक्यूबेशन सेन्टर के इन्चार्ज डाॅ. जोसेफ अरकालन ने स्टार्ट-अप के संबंध में उपस्थित लोगों को विस्तार से बताया। निदेशक विवेक रंजन मैत्रेय ने सभी उद्यमियों को बिहार स्टार्ट-अप नीति के प्रमुख प्रावधानों के बारे में बताते हुए कहा कि बिहार के युवाओं को स्टार्ट-अप नीति के बारे में जानकारी देने के लिये विभिन्न काॅलेजों/शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया है। ऐसे कार्यक्रम चन्द्रगुप्त प्रबंध संस्थान, पटना, पटना काॅलेज, ए॰एन॰ काॅलेज, पटना पुस्तक मेला सहित सभी 38 जिलों के पाॅलिटेकनिक/तकनीकी संस्थानों में आयोजित किये गये हैं। इस पाॅलिसी के तहत 10 वर्षों के लिए 10 लाख रूपये तक की ब्याज रहित सीड फंडिंग की व्यवस्था की गई है। महिलाओं द्वारा प्रारंभ स्टार्ट-अप को 5 प्रतिशत अधिक तथा अनुसूचित जाति/जनजाति तथा दिव्यांगों के स्टार्ट-अप को 15 प्रतिशत अधिक राशि सीड फंड के रूप में देने का प्रावधान इस नीति के तहत किया गया है। एक्सीलेरेशन प्रोग्राम में भागीदारी के लिए 3 लाख रूपये तक के अनुदान का प्रावधान स्टार्ट-अप नीति में है। एन्जेल निवेशकों से निवेश प्राप्त होने पर कुल निवेश का 2 प्रतिशत सफलता शुल्क और सेवी पंजीकृत कैटेगरी-1 तथा एन्जेल समूह से प्राप्त फंड के बराबर अधिकतम 50 लाख रूपये तक के मैचिंग लोन की व्यवस्था बिहार स्टार्ट-अप फंड से की जाती है।

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