
पटना संवाददाता
अपने अधिकार खातिर सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने वालों के लिए बुरी खबर है. धरना, प्रदर्शन और सड़क जाम करने वालों को नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है. राज्य सरकार के इस आदेश से नाराज प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तुलना हिटलर और मुसोलिनी से कर दी है.
दरअसल पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति किसी विधि व्यवस्था की स्थिति, विरोध प्रदर्शन, सड़क जाम इत्यादि मामलों में संलिप्त होकर किसी आपराधिक कृत्य में शामिल होता है और उसे इस कार्य के लिए पुलिस द्वारा आरोपपत्र किया जाता है तो उनके संबंध में चरित्र सत्यापन प्रतिवेदन में विशिष्ट एवं स्पष्ट रूप से प्रविष्टि की जाएगी. ऐसे लोगों को दम इन परिणामों के लिए तैयार रहना होगा . उन्हें सरकारी नौकरी और सरकारी ठेके नहीं मिल पाएंगे. पुलिस मुख्यालय के इस आदेश के बाद राज्य सरकार विरोधी दलों के निशाने पर है.
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