दूसरे राज्य के हाई कोर्ट और सेशन कोर्ट भी दे सकते अग्रिम जमानत

0

Bharat varta desk:

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अग्रिम जमानत के संबंध में अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि दूसरे राज्य में एफआइआर दर्ज होने के बावजूद हाई कोर्ट और सत्र अदालत अंतरिम संरक्षण के तौर पर सीमित अग्रिम जमानत दे सकती हैं। कोर्ट ने सीआपीसी की धारा 438 के प्रविधानों की व्याख्या करते हुए ऐसे मामलों में सीमित अग्रिम जमानत देने के संबंध में दिशानिर्देश जारी किए और कुछ शर्तें भी लगाईं।

यह महत्वपूर्ण फैसला जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्जवल भुइयां की पीठ ने सुनाया। मामला राजस्थान की एक महिला ने दाखिल किया था।मामला दहेज की मांग से संबंधित था जिसमें बेंगलुरु की एक अदालत ने महिला के पति को अग्रिम जमानत दे दी थी। ज्ञात हो कि सामान्य कानूनी अनुक्रम में जिस राज्य या जिस अदालत के क्षेत्राधिकार में एफआइआर दर्ज होती है, वहीं की संबंधित अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया जाता है।

About Post Author

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x