
Bharat Varta Desk: टाइम्स नाऊ समिट 2021 में कंगना रनौत ने कहा है कि ‘आजादी अगर भीख में मिले, तो क्या वो आजादी हो सकती है?’ कंगना ने एंकर के साथ बातचीत में कहा कि ‘1947 में मिली आज़ादी भीख थी, असली आज़ादी 2014 में मिली।’
कंगना ने अपने बयान में कहा- ‘सावरकर, रानी लक्ष्मीबाई, नेता सुभाषचंद्र बोस इन लोगों की बात करूं तो ये लोग जानते थे कि खून बहेगा लेकिन ये भी याद रहे कि हिंदुस्तानी-हिंदुस्तानी का खून न बहाए। उन्होंने आजादी की कीमत चुकाई, यकीनन। पर वो आजादी नहीं थी वो भीख थी।’ इसके बाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी समेत देश के कई राजनीतिज्ञों ने कंगना के बयान की निंदा की है। मांझी ने तो यहां तक कहा है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को चाहिए कि कंगना का पद्मश्री सम्मान वापस लें। यदि नहीं लेंगे तो दुनिया समझेगी कि गाँधी ,नेहरू ,भगत सिंह ,पटेल, सावरकर सबके सब ने भीख मांगी तो आजादी मिली।
Bharat varta Desk सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सिक्किम हाईकोर्ट की वरिष्ठतम न्यायाधीश, जस्टिस मीनाक्षी मदन… Read More
Bharat varta Desk बिहार सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय प्रशासनिक… Read More
Bharat varta desh बिहार सरकार ने कई वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारियों का तबादला कर दिया… Read More
Bharat varta Desk मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की तैयारी कर रहे लाखों स्टूडेंट के लिए… Read More
Bharat varta Desk मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की तैयारी कर रहे लाखों स्टूडेंट के लिए… Read More
Bharat varta desk केरल की राजनीति में पिछले 10 दिनों से चल रहा मुख्यमंत्री चेहरे… Read More