राज्य विशेष

चावल घोटाले के आरोपी अधिकारी सुशील कुमार को बचाया जा रहा, शिव प्रकाश राय ने उठाए सुशासन पर सवाल

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अक्सर कहते हैं कि “बिहार में कानून का राज है.. हम न किसी को बचाते हैं और न किसी को फंसाते हैं।” मुख्यमंत्री अक्सर सार्वजनिक मंचों से यह भी कहते हैं कि हमारी सरकार का भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति रही है। वहीं बिहार के जाने-माने आरटीआई कार्यकर्ता व नागरिक अधिकार मंच के संस्थापक शिव प्रकाश राय ने तथ्यात्मक सबूत के साथ आरोप लगाया है कि चावल घोटाले संबंधी भ्रष्टाचार के आरोपी राजस्व विभाग के अपर सचिव सुशील कुमार को बचाया जा रहा है। उनके आरोपों से यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर कहां गया ‘ न किसी को बचाते हैं और न किसी को फंसाते हैं’ वाली नीति ?

नागरिक अधिकार मंच के संस्थापक शिव प्रकाश राय ने पटना उच्च न्यायालय के महानिबंधक महोदय तथा पटना व्यवहार न्यायालय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश को पत्र भेजकर चावल घोटाले संबंधी भ्रष्टाचार के आरोपी राजस्व विभाग के अपर सचिव सुशील कुमार के खिलाफ कार्रवाई करने का निवेदन किया है। उन्होंने पत्र के माध्यम से बताया है कि बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निदेशक सह अपर सचिव भूअर्जन सुशील कुमार पुलिस अनुसंधान के दौरान स्वयं फतुहा थाना काण्ड संख्या 312/2013 में आरोपी बने हैं और उन पर भारतीय दण्ड संहिता की धाराएं 406, 420, 409, 467, 468, 471 और 120B के तहत चार्जशीट दाखिल है। पटना उच्च न्यायालय के 2017 के आदेश से उनकी जमानत याचिका खारिज करने के बाद गिरफ्तारी स्थगित की गई थी।

जमानत नहीं लेने के कारण कानूनी रूप से फरार

पटना उच्च न्यायालय के महानिबंधक महोदय तथा पटना व्यवहार न्यायालय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश को मामले का संज्ञान लेने हेतु भेजे गए पत्र में लिखा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार किसी भी आरोपी की जमानत 6 माह से अधिक तक स्थगित नहीं रह सकती, स्वाभाविक रूप से उच्च न्यायालय द्वारा उनके गिरफ्तारी के स्थगन का आदेश पारित होने की तिथि के 6 माह बाद स्वतः अप्रभावी हो गई है और वे वर्तमान में जमानत नहीं लेने के कारण कानूनी रूप से फरारी की अवस्था में हैं। इसके बावजूद भी वे निर्भीकता से बिहार सरकार में बिना जमानत कराए नौकरी कर रहे हैं, खुलेआम अभिलेखीय रूप से सरकार की नज़रों के सामने हैं और पुलिस उनकी गिरफ्तारी हेतु कोई कार्रवाई नहीं कर रही। यह आश्चर्य का विषय है। अतः पटना उच्च न्यायालय के महानिबंधक महोदय तथा पटना व्यवहार न्यायालय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से यह निवेदन है कि वे बिहार पुलिस को उक्त अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु उचित निर्देश देने की कृपा करें ।

शिव प्रकाश राय ने कहा है कि बिहार सरकार को भी उक्त मामले में आरोपी अधिकारी की गिरफ्तारी हेतु उचित कानूनी कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि मुख्यमंत्री नीतीश के सुशासन के इकबाल को कायम रखा जा सके। बिहार सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता की घोषित नीति है, उसके तहत भ्रष्टाचार के आरोपी सुशील कुमार पर उचित कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई अपेक्षित है।

Ravindra Nath Tiwari

तीन दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय। 17 साल हिंदुस्तान अखबार के साथ पत्रकारिता के बाद अब 'भारत वार्ता' में प्रधान संपादक।

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