स्वामी आगमानंद महाराज रचित दुर्गाचरितमानस एवं वीडियो-ऑडियो कैसेट का विमोचन

पटना, भारत वार्ता संवाददाता: स्वामी आगमानंद जी महाराज द्वारा रचित दुर्गाचरितमानस के छठे संस्करण का विमोचन किया गया। साथ ही दुर्गा चरित मानस के ऑडियो-वीडियो कैसेट का लोकार्पण भी किया गया। इसे भजन गायक दीपक मिश्रा ने स्वर दिया है। आगमानंद महाराज द्वारा स्थापित शिव शक्ति योग पीठ, नवगछिया की त्रैमासिक धार्मिक पत्रिका अध्यात्मिक ज्योति और महाराज के भक्त कुंदन कुमार सिंह द्वारा रचित श्री चंडी गीता का भी विमोचन संपन्न हुआ। किदवईपुरी स्थित होटल आम्रपाली के सभागार में आगमानंद परिवार के पटना चैप्टर की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया था। बिहार पुलिस के आईजी और गृह विभाग के विशेष सचिव विकास वैभव, बिहार लोक सेवा आयोग के सदस्य विजय कांत दास, लोकायुक्त निगरानी कार्यालय के एसपी अभय कुमार लाल, वरिष्ठ पत्रकार डॉ रविंद्र नाथ तिवारी, बृजेंद्र दुबे, मनोज कुमार सिंह, भागलपुर विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य डॉ मृत्युंजय सिंह गंगा समेत कई विशिष्ट अतिथियों द्वारा कार्यक्रम का उद्घाटन, विमोचन और लोकार्पण कार्यक्रम संपन्न किया गया।

लोगों में अच्छी बातें सुनने की क्षमता घटी- स्वामी आगमानंद

इस मौके पर बिहार भर से आगमानंद परिवार से जुड़े लोग इकट्ठे हुए थे। अपने भक्तों को संबोधित करते हुए स्वामी जी ने कहा कि आज लोगों में अच्छी बात सुनने की क्षमता घट गई है। संचार क्रांति के साधनों का दुरुपयोग हो रहा है और लोग अधिक से अधिक अपनी बातों को प्रचारित और प्रसारित करने की कोशिश में लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों में उपस्थित होकर अच्छी बात सुनना भी एक महान कार्य है। उन्होंने कहा कि दुर्गा सप्तशती को आम जनों के लिए सुगम और आसान बनाने के लिए दुगा चीज मानस की रचना की गई है। इसे गीत के रूप में सुनकर लोग इसे अधिक से अधिक ग्रहण करें, समझें, भाव विभोर हों, आनंदित हो इसीलिए इसे भजन के रूप में प्रस्तुत किया गया है। लोगों को स्क्रीन पर ऑडियो- वीडियो को दिखाया और सुनाया गया। आगमानंद जी लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक धर्मानुकूल आचरण करें। इससे समाज सुखी होगा।

स्वामी आगमनंद एक महान संत- विकास वैभव
इस मौके पर गृह विभाग के विशेष सचिव और कार्यक्रम के उद्घाटनकर्ता विकास वैभव ने कहा कि धर्म के प्रचार प्रसार में स्वामी आगमानंद जी की भूमिका महान है। वे प्राचीन भारतीय संस्कृति के सन्यास परंपरा का वास्तविक प्रतिनिधित्व करते हैं। वे उच्च कोटि के विद्वान, जनकल्याणकारी सोच रखने वाले, समाज को धर्म के रास्ते पर ले जाने वाले संत हैं। जिनका अपना कोई स्वार्थ नहीं रहता है। दुर्गा चरित मानस के जरिए दुर्गा सप्तशती का प्रचार और प्रसार गांव -गांव में हो। लोगों में मां दुर्गा की पूजा, आराधना की प्रवृत्ति का व्यापक प्रचार हो, इसकी कामना है। स्वामी जी द्वारा रचित ग्रंथ से लोग सहज और आसान ढंग से मां दुर्गा की पूजा और उपासना कर सकेंगे। समारोह को बिहार लोक सेवा आयोग के सदस्य विजय कांत दास, एसपी अभय कुमार लाल समेत सभी विशिष्ट अतिथियों ने संबोधित किया। समारोह का संचालन विवेकानंद ठाकुर ने किया।

Ravindra Nath Tiwari

तीन दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय। 17 साल हिंदुस्तान अखबार के साथ पत्रकारिता के बाद अब 'भारत वार्ता' में प्रधान संपादक।

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