
पटना, भारत वार्ता संवाददाता : पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है। प्रेसिडेंशियल डिबेट के साथ आज प्रचार का शोर थम जाएगा। साइंस कॉलेज के खुले मैदान में प्रेसिडेंशियल डिबेट का आयोजन विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा कराया गया। सभी सात अध्यक्ष उम्मीदवरों ने अपनी बात छात्रों के बीच रखा। साइंस कॉलेज में प्रेसिडेंशियल डिबेट में जमकर हंगामा भी हुआ। पुलिस और प्रत्याशी के समर्थकों के बीच भिड़ंत भी हो गई। पुलिस ने एबीवीपी का झंडा बैरिकेडिंग से बाहर फेंका तो कार्यकर्ता हंगामा करने लगे। पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई। हालांकि कुछ देर बाद मामला शांत हो गया। प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान छात्र राजद के कार्यकर्ताओं के हूटिंग-हल्ला से प्रत्याशियों को अपनी बात रखने में परेशानी हुई।
बता दें कि 19 नवंबर को पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ के लिए मतदान होगा। 24 हजार 523 मतदाता अपने मतों का प्रयोग करेंगे। 19 को ही देर शाम तक परिणाम आने की संभावना जताई गई है।
गोलगप्पे-पानीपुरी… क्यों खाते हो चोरी-चोरी…
इस बार चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए खड़े सभी प्रत्याशी वोटरों को रिझाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते दिखे। कोई गोलगप्पे-पानीपुरी, बिरयानी और मोमोज से वोट मांगते दिख रहा तो कोई लड़कियों पैरों पर गिरकर।
एक वीडियो वारयल हुआ जिसमें पूर्व सांसद पप्पू यादव की पार्टी जाप एक प्रत्याशी पटना वीमेंस कॉलेज के बाहर लड़कियों के पैरों में लेट कर वोट मांगते दिखा। सत्ताधारी जदयू की छात्र इकाई छात्र जदयू ने भी प्रचार करने का एक अलग तरीका अपनाया। छात्र जदयू से अध्यक्ष पद पर खड़े हुए आनंद मोहन ने पटना वीमेंस कॉलेज के बाहर बिरयानी बांटा। आनंद मोहन की ओर से मुफ्त में कॉलेज की छात्राओं को बिरयानी बांटकर वोट खरीदने की कोशिश की गई। हालांकि कई छात्राओं ने बिरयानी लेने से सीधे इनकार किया लेकिन कई छात्राओं ने बिरयानी ली और खाई भी।
कुछ छात्र नेताओं द्वारा पटना वीमेंस कॉलेज और मगध महिला कॉलेज की छात्राओं को गोलगप्पे, मोमो खाने के लिए तमाम दुकानों को फ्री कर दिया गया था। चर्चा है कि एक धनबली उम्मीदवार द्वारा छात्राओं के लिए रेस्टोरेंट भी फ्री कर दिया गया है। छात्रावासों में भी बिरियानी और पिज्जा भेजा जा रहा है। कई छात्रावासों में डिनर और लंच के लिए बिरियानी, फास्टफूड भेजा जा रहा है।
चुनाव में पैसे पर भी वोट खरीदने के आरोप लग रहे हैं। चर्चा है कि एक बिल्डर ने छात्रसंघ चुनाव को मैनेज करने के लिए अपने कार्यालय में ‘धन की झोली’ खोल रखा है।
पटना वीमेंस कॉलेज और मगध महिला कॉलेज की छात्राओं से बात की तो उनका यह कहना था कि लोग कितना भी गोलगप्पे और मोमो खिला दें जो अच्छे व्यक्ति होंगे उन्हें ही वोट किया जाएगा। कुछ छात्र नेताओं ने बताया कि एक बिल्डर ने छात्रसंघ चुनाव को पैसे का चुनाव बना दिया है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। मगध महिला कॉलेज की एक छात्रा यह कहती दिखी- “गोलगप्पे–पानीपुरी… क्यों खाते हो चोरी-चोरी…”।
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