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30 नवंबर 2025 को पटना में ज्ञान और साहित्य का महोत्सव – नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल

पटना। बिहार की ऐतिहासिक और साहित्यिक पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से आमत्य फाउंडेशन द्वारा नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल 2025 का आयोजन 30 नवंबर 2025 (रविवार) को चन्द्रगुप्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, पटना में किया जाएगा। यह भव्य कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से शाम 8 बजे तक आयोजित होगा।

इस वर्ष फेस्टिवल का विषय है –
“रीक्राफ्टिंग भारत : प्राचीन भारतीय साहित्य आधुनिक संदर्भों में”
जिसका उद्देश्य भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा को आधुनिक समय के साहित्यिक और बौद्धिक विमर्श से जोड‍़ते हुए वैश्विक मंच तक पहुंचाना है।

इस आयोजन को क्यूरेट कर रही हैं वैशाली सेता, जो वर्ष 2007 में मुंबई से बिहार आईं और पिछले 18 वर्षों में बिहार के 38 जिलों का भ्रमण कर इतिहास, संस्कृति, पर्यटन व विरासत पर गहन शोध करते हुए कई पुस्तकें प्रकाशित कर चुकी हैं।
उन्होंने कहा, “नालंदा विश्व का ज्ञान-प्रकाशस्तंभ रहा है। हमारा लक्ष्य भारत और बिहार के इस गौरवशाली अध्याय को फिर से विश्व पटल पर स्थापित करना है।”

कार्यक्रम की प्रमुख झलकियाँ

5 पैनल चर्चाएँ

भारत के 15 प्रतिष्ठित लेखक, विचारक, पत्रकार और कवियों की उपस्थिति

अमी गणात्रा महान भारतीय ग्रंथों पर विशेष चर्चा करेंगी

शांतनु गुप्ता सिनेमा और साहित्य के अनुभव साझा करेंगे

शुभ्राष्ट्र काव्य और शब्दों की अनूठी प्रस्तुति देंगी

शंथेरी मलैया साहित्य में स्त्री की भूमिका पर संवाद करेंगी

पवन कुमार रोचक विश्लेषण प्रस्तुत करेंगे

माधवी कुंटे एवं विकास वैभव शक्ति और सरस्वती पर विचार रखते हुए स्त्री दृष्टिकोण को सामने लाएंगे

पंकज कुमार और ऋत्विक उदयन अपने दादा, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की विरासत और विचार साझा करेंगे

गुरु प्रकाश प्रेरणादायी वक्तव्य देंगे

फेस्टिवल का सबसे ऐतिहासिक क्षण होगा –
प्रख्यात कवि रत्नेश्वर जी द्वारा ₹15 करोड़ मूल्य की पुस्तक की भव्य घोषणा, जो साहित्य जगत में एक नया रिकॉर्ड दर्ज करेगी।

कार्यक्रम का संचालन बिहार के लोकप्रिय मंच-शिल्पी शैलेश कुमार द्वारा किया जाएगा।


युवा शक्ति का मंच

फेस्टिवल में पहली बार इंटर- कॉलेज लिटरेरी सेशन आयोजित किया जाएगा, जहां युवा बहस, अभिव्यक्ति और विचारों की खुली उड़ान भर सकेंगे।
साथ ही उत्तराखंड के हैंडपेन कलाकार अपनी अनूठी संगीत प्रस्तुति से वातावरण को भावपूर्ण बनाएंगे।


एक बड़ा कदम – वैश्विक पहचान की ओर

इस मंच पर Nalanda International Literature Festival की भी घोषणा की जाएगी। आगामी वर्ष यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन Nalanda International University के सहयोग से नालंदा विश्वविद्यालय परिसर में होगा — जो बिहार की विरासत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।


सभी के लिए खुला आमंत्रण

यह कार्यक्रम छात्रों, शोधकर्ताओं, साहित्यप्रेमियों, इतिहासकारों, संस्कृति प्रेमियों और आम जन के लिए खुला है।

पंजीकरण हेतु
👉 www.nalandaliteraturefestival.org


आह्वान

“आइए, नालंदा की उस रोशनी को फिर जगाएँ – जहाँ से ज्ञान की धारा विश्वभर में बहती थी…

Dr Rishikesh

Editor - Bharat Varta (National Monthly Magazine & Web Media Network)

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