साहित्य संसार

मुजफ्फरपुर में अन्तरराष्ट्रीय मैथिली परिषद की 89वीं मिथिला कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर

मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर जिला के बाकरपुर, कुढ़नी में अन्तरराष्ट्रीय मैथिली परिषद की 89वीं मिथिला कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर में नौ प्रशिक्षणार्थी को प्रमाण पत्र दिया गया जो 20 नवम्बर संध्या से मिथिला के विविध परीक्षोपयोगी और समाजोपयोगी आयामों पर बताया गया। डॉ धनाकर ठाकुर, प्रोफेसर मेडिसिन वाराणसी ने छात्रों को मिथिला का भूगोल, इतिहास, संसाधन से विकास के लिए बताया। डॉ धनाकर ठाकुर ने मिथिला की चौहद्दी नये ढंग से दी जिसके अनुसार मिथिला के उत्तर में नेपाली भाषी, दक्षिण में मगही भाषी,पूरब में बांग्ला भाषी, पश्चिम में भोजपुरी भाषी रहते हैं और यह एक विशिष्ट भूभौतिक क्षेत्र है जहां भूकंप आया तो उत्तराखंड या सिक्किम आदि पूर्वोत्तर राज्यों में नहीं और वहां आया तो यहां नहीं जैसे अभी 2022 मे या 1934 और 1834 में जब मिथिला में नेपाल तराई से मुंगेर तक।
डॉ धनाकर ठाकुर ने कहा कि मिथिला में बहुमंजिली इमारतें नहीं बननी चाहिए और वह भी बिना भूकंपरोधी इंजीनियरिंग की। मिथिला राज्य की राजधानी भी इसीलिए मुजफ्फरपुर या दरभंगा नहीं बरौनी या भागलपुर के पास बननी चाहिए।
डॉ ठाकुर ने कहा कि मैथिली मांगनी प्राकृत से नहीं विदेह प्राकृत से निकली है जिसकी अपनी लिपि मिथिलाक्षर है जिससे बंगला,असमी और उड़िया भी निकली हैं।
मिथिला का इतिहास वैदिक काल से है जहां मिथि से कराल तक 57 जनक हुए जिसमें 27वें सीरध्वज जनक के हलेष्टि यज्ञ के हित यानी हर के फार से घैले में ठोकर लगने से एक बच्ची निकली जिसका नाम सीता पड़ा। उन्होंने श्रीराम का नया अर्थ देते हुए कहा कि इसे राम के लिए आदरसूचक नहीं समझा जाए क्योंकि जब श्री 5 नेपाल सरकार के लिए प्रयुक्त होता था तो श्री 1008 भी राम के लिए कम है, इसलिए इस श्री को सीता के अर्थ में लिया जाय जो गीता के दशवें अध्याय के चौंतीसवें श्लोक से सटीक बैठता है जहां भगवान ने महिलाओं में अपने को श्री, स्मृति, मेधा आदि कहा है।
डा ठाकुर ने कहा कि कराल जनक के बाद सबसे पहले जनतंत्र मिथिला के उत्तरी भाग में आया और बाद में लिच्छवी और वृज्जि में जहां के राजकुमार महावीर और बुद्ध भी थे जो अपने ननिहाल में लुम्बिनी में हुआ जो उस समय में मिथिला भी था जहां की घाघरा नदी ने पाल में करनाली कहलाती है जिससे कर्ण कायस्थ परिवार और कर्णाट राजाओं का बोध होता है जिनके कर्नाटक से आने की दन्तकथा का ठोस आधार नहीं है।
मिथिला के वैदिक काल के बाद के इतिहास को एक फार्मूला से उन्होंने सीखाया PSKOK जो पाल वंश,सेन वंश, कर्णाट वंश,ओइनवार वंश,खंडवाला वंश का राज्य रहा जिनसे काफी बड़े करीब सत्तर हजार वर्ग किलोमीटर और सात करोड़ आबादी वाला मिथिला राज्य आबादी के अनुसार भारत का चौथा और क्षेत्रफल के अनुसार बारहवां राज्य भारत में होगा। नेपाली मिथिला राज्य निर्माण अलग से वहां के प्रांत दो और तीन को जोड़ने से बन जाएगा।
मिथिला राज्य का संसाधन जल,कृषि एवं मानव संसाधन होगा और यह केरल, हरियाणा समान विकसित राज्य होकर भारत की सुरक्षा कवच चीनी धमकी के समय बनेगा। दरभंगिया आम, मुजफ्फरपुरिया लीची, हाजीपुरिया केला,
मधुबनी पेंटिंग, समस्तीपुरी सरैसा तमाकू,भागलपुरी मलमल,पूर्णिया के औषधीय उत्पाद और तेल खुदाई से मिथिला मालामाल हो जाएगा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उत्तर बिहार प्रांत यदि मिथिला राज्य और बांकी मगध और भागलपुर राज्य बनता है तो तीनों विकसित राज्य होंगे और जातिवादी राजनीति का भट्ठा बैठ जाएगा।
अब तक 1600 कार्यकर्ता प्रशिक्षण पा चूके हैं।
हर सत्र महाकवि विद्यापति की जय जय भैरवी से प्रारंभ और यात्री नागार्जुन के भगवान हमर मिथिला सुख शांति केर घर से समाप्त होता था और सैकड़ों उपस्थिति में केवल नौ को प्रमाणपत्र दिया गया है।
एन के झा, पटना ने पटना पुस्तक मेला 2-12 दिसंबर 2022के लिए सभी को आमंत्रित किया जिसमें मिथिला,मगध एवं भोजपुर राज्य गठन पर परिचर्चा होगी।

Dr Rishikesh

Editor - Bharat Varta (National Monthly Magazine & Web Media Network)

Recent Posts

बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी अमित कुमार एसपीजी के डायरेक्टर बनेंगे

Bharat varta Desk बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी अमित कुमार अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की… Read More

5 days ago

चंपत राय ने दिया इस्तीफा

Bharat varta Desk अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी के मामले… Read More

1 week ago

महेश दीक्षित आईबी के नए निदेशक

Bharat varta Desk डॉ. महेश दीक्षित को भारत की प्रमुख खुफिया एजेंसी, खुफिया ब्यूरो (IB)… Read More

1 week ago

यूपी बीजेपी की नई टीम

Bharat varta Desk भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर प्रदेश में अपनी नई टीम का… Read More

1 week ago

पूर्व जस्टिस विनोद सिंहा भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच करेंगे, सम्राट कैबिनेट का फैसला

Bharat varta Desk पटना हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा भरत तिवारी एनकाउंटर… Read More

2 weeks ago

भरत तिवारी एनकाउंटर पर बैठी महापंचायत, प्रशांत किशोर पहुंचे, कहा-सम्राट चौधरी के विभाग की जांच हो

Bharat varta Desk बिहार में भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर मामले के विरोध में आज भोजपुर… Read More

2 weeks ago