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जल जीवन मिशन : बिहार हुआ टॉप 5 राज्यों में शुमार, कई राज्यों को छोड़ा पीछे

भारत वार्ता डेस्क : जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से पीने का पानी मुहैया करवाने में बिहार ने अभूतपूर्व प्रगति की है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के डैशबोर्ड पर जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस मिशन के सफल क्रियान्वयन कराने वाले टॉप 5 राज्यों में बिहार का स्थान चौथा है। आंकड़ों के मुताबिक, जहां एक ओर गोवा, तेलंगाना, बिहार जैसे राज्यों ने जल जीवन मिशन में अभूतपूर्व प्रगति की है, वहीं पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश जैसे राज्य निचले पायदान पर खड़े हैं। गोवा और तेलंगाना के सभी घरों को पानी के कनेक्शन से जोड़ दिया गया है। देश के शेष राज्यों के बीच पेयजल आपूर्ति के कनेक्शन को लेकर होड़ है। नीचे से पश्चिम बंगाल पहले और उत्तर प्रदेश दूसरे क्रम में है। फिसड्डी राज्यों में उत्तर प्रदेश और असम दो बीजेपी शासित राज्य है। ग्रामीण भारत में हर घर नल से पानी पहुंचाने का जल जीवन मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है।

नीतीश कुमार के सात निश्चय में शामिल है ‘हर घर नल का जल’ योजना

गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 2015 में घोषित सात निश्चय में शामिल ‘हर घर नल का जल’ योजना की तर्ज पर केंद्र सरकार द्वारा भी 2019 से ग्रामीण भारत में हर घर नल से पानी पहुंचाने का जल जीवन मिशन केंद्र सरकार द्वारा राज्यों के साथ साझेदारी में शुरू किया गया है, जिमसें यह परिकल्पना की गई है कि 2024 तक गांवों के प्रत्येक घर में नियमित और दीर्घकालिक आधार पर निर्धारित गुणवत्ता के पीने योग्य पानी की आपूर्ति होगी। ‘हर घर नल का जल’ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वकांक्षी योजना रही है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के डैशबोर्ड पर जारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक बिहार में 86.96 प्रतिशत घरों को पानी के कनेक्शन से जोड़ दिया गया है। इस मिशन के तहत देशभर में 4.73 करोड़ पानी के कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। इनमें से 1.46 करोड़ कनेक्शन अकेले बिहार में हैं। इसका मतलब है कि हर तीसरा पानी का नया कनेक्शन बिहार में है।

बिहार में चुनौतियों के बीच अभूतपूर्व प्रगति

आबादी के हिसाब से देखें तो बड़े राज्यों की कतार में बिहार अव्वल है। बिहार का जनसंख्या घनत्व बड़ा है इसलिए बिहार के लिए जल जीवन मिशन के तहत घर घर तक पानी का कनेक्शन मुहैया एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन बिहार सरकार ने व्यापक रणनीति के तहत ‘हर घर जल योजना’ का क्रियान्वयन कर लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ते हुए अभूतपूर्व प्रगति की है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग और पंचायती राज विभाग एवं शहरी क्षेत्रों में नगर विकास विभाग की ओर से इस योजना का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का का विशेष जोर इस पर भी है कि हर घर तक पानी कनेक्शन मुहैया कराने के साथ साथ रखरखाव व सतत निगरानी की भी व्यवस्था की जाए। बिहार सरकार की नल-जल योजना शुरु करने के बाद से ग्रामीण क्षेत्रों में एक क्रांति सी आ गई है। इस योजना का लाभ समाज के हर तबके को मिल रहा।

घोषणा नहीं, निश्चय है : जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार

बिहार को मुख्यमंत्री के सात निश्चय योजना हर घर नल जल योजना से हासिल हुई यह उपलब्धि सरकार और सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के लिए आनंद और उत्साह का विषय है। ‘भारत वार्ता’ के साथ बातचीत में जदयू के मुख्य प्रवक्ता व बिहार विधान परिषद के सदस्य नीरज कुमार कहते हैं कि – हर घर नल जल योजना घोषणा नहीं, निश्चय है। माननीय मुख्यमंत्री जी समाज के सभी तबके को अच्छादित करने की लक्ष्य के साथ योजना बनाते हैं। वे वोट की नहीं, वोटर्स की चिंता करते हैं। जल जीवन मिशन में बिहार की यह उपलब्धि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निश्चय की बुनियाद और कार्यशैली की सफलता है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में बिहार सरकार द्वारा नीतिगत निर्णयों से राज्य के समग्र विकास के साथ मानव विकास सूचकांक को और बेहतर करने के प्रयास किये जा रहे हैं।

2021 तक 100% घरों तक पानी कनेक्शन का लक्ष्य

बिहार में 2021 तक चालू नल के पानी कनेक्शन के साथ सभी परिवारों को 100% शामिल करने की योजना है। बिहार सरकार ने सभी शेष घरों को नल कनेक्शन प्रदान करने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह एक बहुत बड़ा लक्ष्य है, लेकिन राज्य सरकार ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक रोडमैप तैयार किया है। वर्ष 2020-21 के दौरान सभी 38 जिलों को 100% शामिल करने के लिए एक उचित योजना बनाई जा रही है। बिहार सरकार आकांक्षी जिलों, गुणवत्ता से प्रभावित बस्तियों और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के गांवों में 100% चालू घरेलू नल कनेक्शन प्रदान करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रेषित एक पत्र में बिहार सरकार के जल जीवन मिशन अभियान के लक्ष्य को वर्ष 2020-21 तक ही पूरा करने के निर्णय के प्रति अपनी खुशी ज़ाहिर की और बिहार को केंद्रीय सहायता की अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।

Ravindra Nath Tiwari

तीन दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय। 17 साल हिंदुस्तान अखबार के साथ पत्रकारिता के बाद अब 'भारत वार्ता' में प्रधान संपादक।

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