पटना : पटना विश्वविद्यालय के शोधार्थी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के शिष्टमंडल ने गुरुवार को पटना विश्वविद्यालय के कुलपति को शोधार्थियों के समस्याओं से अवगत कराया। परिषद के शिष्टमंडल ने कुलपति को शोध प्रबंध जमा करने की अवधि को बढ़ाने, शोधवृत्ति के प्रक्रिया को आसान करने, नए शोधार्थियों को शोध निर्देशक आवंटित करने, पीएचडी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने आदि समस्याओं से अवगत कराया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश सह मंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह सर्वविदित है कि कोरोना की दूसरी लहर पहले के अपेक्षाकृत ज्यादा भयावह थी। इसलिए उस समय के दौरान सभी प्रभावित थे। इसलिए शोध प्रबंध जमा करने की अवधि छः माह बढ़ाना चाहिए। पटना विश्वविद्यालय के संयोजक अभिनव कुमार ने शोधकर्ताओं के विषय पर अपनी बात रखते हुए बताया कि नए पीएचडी शोधकर्ता जो कोर्स वर्क की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं, उन्हें शोध निर्देशक नहीं मिल पा रहे और नए जो प्राध्यापक आए हैं वे अभी गाइड बनने के मानक को नही पूरा कर रहे। इसलिए इसका अविलंब कोई रास्ता निकाला जाए। शिष्टमंडल ने कुलपति से जल्द से जल्द प्री पीएचडी परीक्षा का आयोजन करने हेतु आग्रह किया।
पटना विश्वविद्यालय के कुलपति ने परिषद के सभी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की बात कही। इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के केन्द्रीय कार्यसमिति सदस्य सुधांशु भूषण झा, प्रदेश शोध प्रमुख गौरव रंजन उपस्थित थे।
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