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Bharat varta Desk
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की सुनवाई पर बड़ा ऐलान किया है। उनका कहना है कि लीगल इमरजेंसी में कोई भी व्यक्ति किसी भी समय अदालतों का दरवाजा खटखटा सकता है। CJI सूर्यकांत के अनुसार, जांच एजेंसियों के द्वारा गिरफ्तारी की धमकी दी जाने की स्थिति में अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए आधी रात को भी सुनवाई की मांग की जा सकती है।जस्टिस सूर्यकांत का कहना है, “मैं प्रयास कर रहा हूं कि सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय जनता के लिए हमेशा उपलब्ध रहें। न्यायालय की कार्यवाही स्थगित होने के बाद भी व्यक्ति लीगल इमरजेंसी में कोर्ट पहुंच सके।”
टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि न्यायालयों में भारी संख्या में याचिकाएं लंबित पड़ी हैं, जिनके निपटारे के लिए अधिक से अधिक संवैधानिक पीठ का गठन करने की जरूरत है। इन याचिकाओं में SIR जैसे मुद्दे भी शामिल हैं।
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