
गौरव दुबे की विशेष रिपोर्ट
गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर रचित “जन- गण-मन” 109 साल पहले आज के दिन की सबसे पहले गाया गया था. 27 दिसंबर 1911 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कोलकाता अधिवेशन में इसे बांग्ला और हिंदी भाषा में सर्वप्रथम गाया गया था. यह कांग्रेस का 26 वां अधिवेशन था जिसकी अध्यक्षता विशन नारायण धर ने थी. भारत का राष्ट्रगान जिसे सुन और गाकर हर भारतीय गौरव महसूस करता है उसे गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर ने 1905 में बंगाली भाषा में लिखा था. बाद में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सहयोगी कैप्टन आबिद अली ने इसका हिंदी और उर्दू में अनुवाद किया.
टैगोर ने 1919 में इस गीत का अंग्रेजी में अनुवाद “दि मॉर्निंग सांग ऑफ इंडिया” के नाम से किया था. भारत की संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 में इसे राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार किया. यह भी जानने लायक बात है कि पंडित जवाहर लाल नेहरू के विशेष अनुरोध पर अंग्रेज संगीतकार हर्बट मुरिल्ल ने इसे ऑर्केस्ट्रा की धुनों पर भी गाया था। राष्ट्रगान को अधिकतम 52 सेकंड में गाया जाता है.
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