Bharat varta desk: सुप्रीम कोर्ट के मंगलवार के आदेश के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लाभ के पद का मामला और झारखंड की खनन सचिव रहीं निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की शेल कंपनियों का मामला एक बार फिर झारखंड हाईकोर्ट के पास आ गया है। हाईकोर्ट इसकी सुनवाई एक जून से शुरू करेगा। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार हाईकोर्ट पहले अब यह तय करेगा कि इस मामले में दायर की गयी जनहित याचिका सुनवाई योग्य है कि नहीं।
झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ. रविरंजन और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने इन मामलों में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आलोक में सभी पक्षों को अपना जवाब 31 मई तक दाखिल करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए एक जून की तिथि निर्धारित की है।
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