साहित्य संसार

हिंदी हमारी आत्मा-विश्व हिंदी परिषद के हिंदी दिवस समारोह में बोले स्वामी चिदानंद सरस्वती


Bharat varta desk:
नई दिल्ली में विश्व हिंदी परिषद एवं राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हिंदी दिवस समारोह में ऋषिकेश के -परमार्थ निकेतन आश्रम के संस्थापक-अध्यक्ष स्वामी श्री चिदानंद सरस्वती जी ने कहा हिंदी हमारी आत्मा है। हिंदी ह्रदय की भाषा है। उन्होंने कहा कि भारतीय तथा प्रवासी भारतीयों से आग्रह है कि वह हमेशा अपनी मातृभाषा हिंदी को को प्राथमिकता दें और उसे बढ़ावा देने के लिए संकल्पित हों। विश्वमें धर्म का प्रथम विश्वकोष बनाने वाले स्वामी श्री चिदानंद ने नई पीढ़ी का आह्वान किया कि वे सभी अपनी भाषा को ना भूलें।

हिंदी को दिल से स्वीकारे नई पीढ़ी-सांसद रामचंद्र जंगरा
इस अवसर पर मुख्य अतिथि राज्यसभा के सांसद श्री रामचंद्र जंगरा ने हिंदी को लोक भाषाओं की अग्रणी भाषा बताते हुए अपने अनुभवजन्य भाषण में हिंदी के समक्ष आ रही चुनौतियों का वर्णन किया और कहा जब तक हमारे देश में भारतीय संस्कारों और संस्कृति के साथ हिंदी को नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक हिंदी की गरिमा व प्रतिष्ठा स्थापित नहीं हो सकती। । सांसद ने कहा हिंदी हमारी प्रार्थना की भाषा है। अगर हिंदी का वर्चस्व बढ़ाना है तो इसे नवीन पीढ़ी को सम्मान, आशा और विश्वास के साथ स्वीकार करना होगा।

हिंदी को वास्तविक सम्मान दिलाना लक्ष्य-डॉ विपिन

विश्व हिंदी परिषद के महासचिव डॉ. विपिन कुमार ने विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि सन् 2035 तक हिंदी वैश्विक राष्ट्रभाषा हो यही लक्ष्य रखा गया है। हिंदी को उसका वास्तविक सम्मान दिलाना विश्व हिंदी परिषद का लक्ष्य है। इस अवसर पर राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान के महानिदेशक श्री संत मनु ने हिंदी को राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए एक पुल बताया। इतिहास लेखक अमरनाथ, विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष डी.पी मिश्र, प्रकाश हॉस्पिटल नोएडा के अध्यक्ष एवं निदेशक तथा प्रमुख अस्थि रोग सर्जन डॉ. विजय सिंह चौहान उपस्थित थे। जिन्होंने मातृभाषा हिंदी के गुणगान के साथ उसे राष्ट्रभाषा के सिंहासन पर पहुंचाने का आव्हान किया।

कवि सम्मेलन में बही कविता की रस धारा

इस मौके पर आयोजित कवि सम्मेलन में कई प्रमुख कवियों ने शिरकत किया और अपनी कविताओं का पाठ किया।
विश्व हिंदी परिषद की राष्ट्रीय समन्वयक कवयित्री व पत्रकार डॉ. शकुंतला सरूपरिया (उदयपुर-राजस्थान) के संचालन में डॉ. सत्येंद्र सत्यार्थी , सरस्वती शुक्ला, विनम्र संजीव निगम, डॉ.अखिलेश शर्मा, सुयश,भार्गवी , डॉ.पूजा दीवान, कनक लता गौर, डॉ. आनंद वर्धन पूनम माटिया, मंजूषा रंजन, डॉ. पीयूष रंजन ,अनु अग्रवाल ने काव्य पाठ किया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता डूटा के अध्यक्ष डॉ.अजय भागी ने की।

इन्हें मिला सम्मान
सभी कवियों के साथ हिंदी दिवस के अवसर पर 10 से अधिक हिंदी सेवियो का संस्था द्वारा शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। जिनमें श्री जितेंद्र कुमार तिवारी,श्री सदानंद पांडे श्री देवन राय, डॉ.रश्मि सलूजा डॉ. अपर्णा राय,डॉ. नीता कुमार, डॉ शकुंतला सरूपरिया, श्रीमती अरुणिमा सिन्हा, श्री आलोक कुमार, डॉ. सुभाष गिरी, श्री नवीन कुमार के नाम शामिल हैं। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अरुणिमा सिन्हा ने किया।

Ravindra Nath Tiwari

तीन दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय। 17 साल हिंदुस्तान अखबार के साथ पत्रकारिता के बाद अब 'भारत वार्ता' में प्रधान संपादक।

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