
Bharat varta desk: पुलिस अफसरों के सत्ताधारी दलों के साथ गठजोड़ पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। चीफ जस्टिस एनवी रामना ने कहा कि यह देश में परेशान करने वाला ट्रेंड है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के निलंबित अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुरजिंदर पाल सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए आगे कहा कि पुलिस अफसर सत्ता में रहने वाले राजनीतिक दलों से फेवर लेते हैं,बदले में विरोधी दलों के नेताओं पर कार्रवाई करते हैं। बाद में विरोधी जब सत्ता में आते हैं तो उस पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई करते हैं। इस ट्रेंड को रोकने की जरूरत है। पुलिस अफसरों को अपने कानून के शासन पर टिका रहना चाहिए। किसी का फेवर नहीं करना चाहिए। चीफ जस्टिस ने आय से अधिक संपत्ति और राजद्रोह के मामले में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक की गिरफ्तारी पर 4 सप्ताह के लिए रोक लगा दी। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी किया और पुलिस अधिकारी को निर्देश दिया कि जांच में सहयोग करें। इस मौके पर सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि इस अधिकारी के पास ऐसे 9 गुनी अधिक संपत्ति पाई गई है।
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