विश्व हिंदी दिवस पर विशेष आलेख
राजेश्वर राम, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी, रांची
आज 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जा रहा है. हिंदी को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने के लिए देश और विदेशों में भी कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं मगर हकीकत में पूरी दुनिया की बात तो दूर हिंदी अपने देश में भी पूरी तरह प्रतिष्ठित नहीं हो पाई है . हिंदी भाषी राज्यों में भी सरकारी और गैर सरकारी स्तर पर अंग्रेजी से मोह खत्म नहीं हो पा रहा है.
केंद्र और राज्य के सरकारी कार्यालयों में अंग्रेजी प्रभावी है. हिंदी अभी भी पूरी तरह सरकारी कामकाज की भाषा नहीं बन पाई है. रेलवे और बैंकों में हिंदी दिवस के दिन बड़े बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए बड़ी-बड़ी बातें होती हैं मगर इनके यहां अंग्रेजी की सबसे ज्यादा स्वीकार्यता और मोह है. मुझे ऐसी जानकारी है कि रेलवे मंडल कार्यालय में हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए राजभाषा पदाधिकारियों के पद सृजित हैं मगर कई सालों से ज्यादातर मंडलों में पद खाली हैं. दूसरे- तीसरे पदाधिकारियों के जिम्मे इनका प्रभार है. बिहार-झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के बड़े स्टेशनों पर हिंदी के साहित्यकारों के नाम से पुस्तकालय हुआ करते थे. इनमें हिंदी की प्रमुख किताबें हुआ करती थीं मगर पिछले 10 -20 सालों के दौरान इन पुस्तकालयों के नामोनिशान मिट गए हैं.
एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि केंद्र के कार्यालय हो या राज्य सरकार के- सभी जगह अभी तक हिंदी के बेहद जटिल और कठिन शब्दों के प्रयोग किए जा रहे हैं. ऐसे शब्दों का चलन आज भी जारी है जो सामान्य लोगों के पल्ले नहीं पड़ते. उन्हें ज्यादा सुविधाजनक और आसान अंग्रेजी में लिखना या बोलना होता है. मेरा मानना है कि सरकारी कामकाज में हिंदी शब्दों को आसान बनाने के लिए काम होना चाहिए.
14 सितंबर को हिंदी दिवस और 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस
14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है जबकि 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस . सबसे पहले 10 जनवरी 2006 को उस समय के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हिंदी दिवस मनाने की घोषणा की थी. इसका लक्ष्य था पूरी दुनिया के देशों में हिंदी को प्रतिष्ठित करना और जन जन तक हिंदी को पहुंचाना.उस समय नागपुर में पहली बार विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित किया गया था. वहीं 14 सितंबर 1949 को भारत की संविधान सभा ने हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिया था. लेकिन आज भी देश के कई राज्यों में हिंदी स्वीकार नहीं है.
Bharat varta Desk झारखंड उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त जज डॉ एसएन पाठक को झारखंड… Read More
Bharat varta Desk न्यायमूर्ति पीबी बजंथरी को पटना हाईकोर्ट का कार्यकारी चीफ जस्टिस बनाया गया… Read More
Bharat varta Desk हिमाचल प्रदेश से लेकर जम्मू-कश्मीर तक, इन दिनों हो रही भीषण बारिश… Read More
Bharat varta Desk सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के दो दिन बाद, केंद्र सरकार ने… Read More
Bharat varta Desk सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं विधायक कल्पना सोरेन ने झारखंड विधान… Read More
Bharat varta Desk आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने शुक्रवार को मधुबनी में तैनात ग्रामीण कार्य… Read More