धर्म/अघ्यात्म

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का इतिहास और महत्व, आचार्य मंकेश्वर नाथ तिवारी से जानिए सबकुछ


श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
दुर्लभम श्रीकृष्णजन्मोत्सवः

कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने!
प्रणत क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः!!

श्रीकृष्ण ने अपना अवतार भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मध्यरात्रि (12:00 बजे) को आपने कंस मामा के कारागार में जन्म लिया। भगवान स्वयं इस दिन पृथ्वी पर अवतरित हुए थे अत: इस दिन को कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाते हैं। इस दिन मंदिरों में झांकियां सजाई जाती है और भगवान कृष्ण को झूला झुलाया जाता है।

भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन भगवान विष्णु के आठवें अवतार कृष्ण का जन्म हुआ था। अतः इस दिन लोग व्रत, पूजन और उत्सव मनाते हैं। इस वर्ष  30 अगस्त सोमवार को रात्रि 12 बजे अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र एक साथ मिलन हो रहा हैं। जिसके अद्भुत संयोग से सर्वपाप विनाशक जयंती योग बन रहा है। सबके लिये स्मार्त्त एवं वैष्णवों दोनों के लिये है।

अतः इस दिन का जन्माष्टमी करना अति उत्तम और सर्व श्रेष्ठ उपासना है। श्री कृष्ण के कृपा से सबका जीवन व्रत पूर्ण होगा। श्री कृष्ण भगवान अपने कृपा से सबके जीवन मे सम्पूर्ण प्रेम प्रसन्नता प्रदान करते है। जिसके जीवन में मधुरता नही है, पारिवारिक सौहार्दपूर्ण स्थितियां नही है दाम्पत्य जीवन मे कटुता है उन्हें श्रीकृष्ण जन्मोत्सव से छः दिन मधुराष्टकं का पाठ तथा ललितात्रिपुरसुन्दरी का विधिपूर्वक पाठ महुआ मधु से हवन करने से जींवन का समस्त बैर विरोध दुर्भावना कुत्सित विचार पल भर में समाप्त होकर प्रेम का संचार सरस् मधुमय मंगलमय आनन्दमय सुखमय समस्त परिवार आह्लादित होता है।घरों में बच्चों की किलकारी एकदूसरे से परस्पर सौहार्दपूर्ण जीवन सफल होता है।
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय द्वादशाक्षर महामन्त्र अमोध मंत्र महामंत्र का जप अवश्य करे।
श्री कृष्ण परमानन्द प्रदान हेतु आपकी समस्त समस्याओ को शीघ्र कम  करते हुए, पूरी तरह समाप्त करेंगें, और सबमें प्यार, आत्मबल, पराक्रम, अपार शक्ति, दक्षता, सत्य निष्ठा, मन का विश्वास एवं सभी परस्थितियों से जीतने की अमोघ शक्ति क्षमता सात्विक ऊर्जा आत्मबल जय विजय के लिये चक्रशुदर्शन से रक्षा पूर्वक सम्प्राप्ति होती है।
इस व्रत को धारण करना श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाना छठियार करना 6 दिनों तक डोलारोहन झूला झूलाना पूजा पाठ अर्चना श्रीमद्भागवत महापुराण का परायण पुत्रप्रमोदिनी महामंत्र संतानगोपाल सन्तानसुन्दरी पुत्रवत्सला महामन्त्र नारायण कवच चक्रसुदर्शन कवच इत्यादि महामंत्रों से जिस कामनाओ के लिये अर्चना संकल्प निवेदित समर्पित करते है उसे वर्षावधि एकवर्ष के अंदर पूर्ण होता है ऐसा चमत्कारी अनुष्ठान श्रीकृष्ण जन्मोत्सवः मनाना चाहिये।
इस दिन श्रीकृष्ण की पूजा करने से संतान प्राप्ति, दीर्घायु तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाने से हर मनोकामना पूरी होती है
पूर्णम पूर्णमिदम कृष्णम पूर्णमेतत चराचरम
आचार्य मंकेश्वर नाथ तिवारी
     ज्योतिषाचार्य
मो 8210379212, 9431428112

Ravindra Nath Tiwari

तीन दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय। 17 साल हिंदुस्तान अखबार के साथ पत्रकारिता के बाद अब 'भारत वार्ता' में प्रधान संपादक।

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