
भागलपुर ,भारत वार्ता संवाददाता : बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की ओर से विश्व दूध दिवस पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया. इस मौके पर बीएयू के कुलपति डॉ आर के सोहाने ने कहा कि दूध की उत्पादकता बढ़ाना जरूरी है. इसके लिए जरूरी है कि पशुओं को दिए जाने वाले चारे की पौष्टिकता बढ़ाई जाए. उन्होंने गाय के गोबर और मूत्र को आमदनी का स्रोत बनाने के उपायों पर चर्चा की. बिहार पशुधन विश्वविद्यालय के कुलपति रामेश्वर सिंह ने बिहार और देश की अर्थव्यवस्था में पशुधन के महत्व पर प्रकाश डाला. वेबीनार के आयोजन सचिव धर्मेंद्र कुमार ने परिचर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि देश के मेहनती किसानों के दम पर हम लोग 198.4 मिलियन टन दूध उत्पादन के साथ एक दशक से नंबर वन बने हुए है. यही नहीं दूध व्यवसाय भारतीय जीडीपी में 8 लाख करोड़ का योगदान करते हुए 28% की भागीदारी निभा रहा है. अंजनी कुमार ,जयंतीलाल साह ने गांव में चारा केंद्र बनाकर पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया.
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