
रांची : वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों की वार्ता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनके विधान सभा कक्ष में हुई। मोर्चा की ओर से यह मांग की गई कि उच्चस्तरीय कमेटी बनाकर वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त कर सेवा शर्त नियमावली बनाकर सभी वित्त रहित शिक्षाक-कर्मचारी तथा शिक्षकेतर कर्मचारियों की सेवा सरकारी संवर्ग में करते हुए वेतनमान दिया जाए। मोर्चा के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से कहा कि राज्य अलग हुए 21 वर्ष हो गए और इंटरमीडिएट शिक्षक कर्मचारी के लिए अभी तक सेवा शर्त नियमावली नहीं बनी है। मोर्चा के प्रतिनिधियों ने जैक द्वारा नियमावली बनाकर 2 वर्ष पहले प्रारूप जो कैबिनेट को नहीं भेजा जा सका है और विभाग में लंबित है उसका प्रारूप मुख्यमंत्री को सौंपा।
वार्ता के दौरान विधायक दीपिका सिंह पांडे, विधायक सरयू राय, विधायक विनोद सिंह एवं विधायक अंबा प्रसाद भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त रहित शिक्षकों का मामला बहुत पुराना है। उन्होंने अपने ओएसडी विनय कुमार चौबे को आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश देते हुए सारा कागजात उन्हें दे दिया।
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