
रांची, भारत वार्ता संवाददाता: झारखंड में भाषाई विवाद को लेकर मचे बवाल के बाद अब राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर अपना पैंतरा बदल दिया है। सरकार ने भोजपुरी और मगही को धनबाद-बोकरो में JSSC की ओर से आयोजित होने वाली मैट्रिक और इंटर स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा में द्वितीय क्षेत्रीय भाषा की सूची से बाहर कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रतियोगिता परीक्षा में जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा की सूची पर उठे विवाद के बाद हेमंत सरकार ने कार्मिक विभाग की ओर से जारी जिलावार भाषाओं की मान्यता में संशोधन करते हुए भोजपुरी और मगही को हटा दिया है। जबकि सभी जिलों में उर्दू भाषा की मान्यता बहाल की है। यह बता दें कि मगही और भोजपुरी के लिए ना केवल विरोधी दल भाजपा बल्कि सरकार में शामिल कांग्रेस और राजद ने भी आवाज उठाई थी। राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद ने न्यायिक हिरासत में जाने के पहले कहा था कि जो भोजपुरी का विरोध करेगा उसका विरोध करेंगे। इसके बाद हेमंत सरकार दबाव में आ गई।
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