राज्य विशेष

भाजपा के दबाव से हटाए गए 15 साल से जमे आमिर सुबहानी, पढ़िए ट्रांसफर-पोस्टिंग पर विशेष रिपोर्ट

क्या सरकार सुबहानी को अगला चीफ सेक्रेटरी बनाने की तैयारी में है? 38 आईपीएस और 29 आईएएस के तबादले

पटना: भाजपा के दबाव से आखिरकार गृह सचिव आमिर सुबहानी हटा दिए गए। 2020 के वर्षांत में देर रात राज्य सरकार ने एक साथ 38आईपीएस और 29 आईएएस अफसरों को बदल दिया। इस संबंध में पढ़िए वरिष्ठ पत्रकार रवींद्र नाथ तिवारी का विश्लेषण…..

आमिर सुबहानी 15 साल गृह सचिव पद पर जमे हुए थे। इतने लंबे अरसे से इस पद पर उनकी पोस्टिंग पर कई बार सवाल उठे थे। मगर उनकी स्थिति पर कोई अंतर नहीं पड़ा। नई सरकार में जब भाजपा जदयू से ज्यादा ताकतवर होकर आई तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से गृह विभाग लेने और गृह सचिव के पद से सुबहानी को हटाने का मुद्दा गरमाया। भाजपा के कई नेताओं ने इस मुद्दे पर सवाल खड़ा किए थे। हाल ही में भाजपा के विधान पार्षद संजय पासवान ने गृह सचिव सुबहानी को हटाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि एक अफसर के किसी एक पद पर इतने दिनों से बनाए रखने का क्या औचित्य है? उन्होंने मुख्यमंत्री से गृह विभाग हटाकर किसी दूसरे को सौंपे जाने की भी मांग की थी बढ़ते अपराध के बीच केंद्र सरकार और आरएसएस के कई नेताओं को भी गृह सचिव के पद पर सुबहानी के रहने पर आपत्ति थी। उनका कहना था कि इस पद से सुबहानी को क्या कमजोरी है जो हटना नहीं चाहते हैं और सरकार की कौन सी ऐसी कमजोरी के वे राजदार हैं, जिसके चलते सरकार उन्हें हटाने में लाचार है। यहां तक की एडीशनल चीफ सेक्रेट्री में प्रोन्नति के बाद भी सुबहानी को गृह सचिव के पद पर ही रखा गया। एक रिटायर्ड आईएएस अफसर ने बताया कि देश के किसी भी राज्य में ऐसा उदाहरण नहीं मिलता है। उक्त अधिकारी के अनुसार यह सरकार की कमज़ोरी दर्शाती है। उन्होंने यह भी बताया कि नीतीश सरकार में कई बार ऐसे मौके आए जब सुबहानी गृह विभाग के साथ-साथ सामान्य प्रशासन विभाग के भी प्रधान सचिव रहे। उस अधिकारी के बातों पर यकीन करें तो कोरोना काल और मुंगेर के मामले में गृह सचिव के कई फैसले सरकार की परेशानी के कारण बने थे। लेकिन दूसरी ओर कुछ जानकारों का यह भी दावा है कि सरकार उन्हें अगला चीफ सेक्रेटरी बनाने की तैयारी में है। इसलिए रास्ता साफ करने के लिए उन्हें तत्काल गृह सचिव पद से हटाया गया है।

सुबहानी गए तो सेंथिल मिले

सुबहानी की जगह के सेंथिल को गृह सचिव बनाया गया है। कुछ साल पहले सेंथिल केस-मुकदमे के कारण सुर्खियों में रहे थे। उन्हें कोसी प्रमंडल के आयुक्त से उठाकर गृह सचिव के पद पर बिठा दिया गया है।

चंचल की चांदी

इस तबादले में भी मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार का जलवा बरकरार है। उन्हें भवन निर्माण विभाग का अतिरिक्त प्रभार से तो मुक्त किया गया लेकिन इस बार उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव का भी अतिरिक्त कार्यभार दे दिया गया है।

कुंदन कृष्णन और विकास वैभव की चर्चा

बढ़ते अपराध के बीच यह चर्चा थी कि सिविल डिफेंस में एडीजी के पद पर डाले गए कुंदन कृष्णन को पुलिस मुख्यालय में किसी महत्वपूर्ण पद पर बिठाया जा सकता है लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि सत्ताधारी पार्टी के एक ताकतवर सांसद की नाराजगी के कारण उनका पुनर्वास नहीं हो पाया। कुंदन क्राइम कंट्रोल के लिए एक सक्षम अधिकारी माने जाते हैं। वहीं विकास वैभव को डीआईजी से आईजी के पद पर प्रमोट करते हुए गृह विभाग में विशेष सचिव पद पर बिठा दिया गया है। विकास वैभव फील्ड में क्राइम कंट्रोल और जनसरोकार वाली कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। वे जिस पद पर भेजे गए हैं वहां पुलिस वाला कोई काम नहीं है।

कई बदली चर्चे में, किसी का पुनर्वास तो कोई मायूस

लिपि सिंह का पुनर्वास

मूर्ति विसर्जन की घटना के बाद मुंगेर से हटाई गई एसपी लिपि सिंह को सहरसा का एसपी बनाया गया है। लेकिन आईजी से एडीजी में प्रोन्नति पाए पारसनाथ, डॉ कमल किशोर और अनिल किशोर यादव जहां थे वहीं रह गए हैं। पूर्णिया के आईजी रतन संजय पटना लौट गए हैं, जैसा कि वे चाहते थे। बताया यह भी जा रहा है कि वे केंद्रीय प्रति नियोजन पर जाना चाहते हैं।

किसी की बल्ले बल्ले तो कोई मायूस

इस तबादले में कोई बेस्ट पोस्टिंग पाने में सफल रहा तो कोई अपनी पोस्टिंग से मायूस दिख रहा है। कई ऐसे तबादले चर्चा में है। भागलपुर के डीएम प्रणव कुमार को मुजफ्फरपुर का डीएम बनने का मौका मिला है तो भागलपुर के एसपी आशीष भारती को रोहतास का एसपी बनाया गया है। छपरा डीएम सुब्रत कुमार सेन को भागलपुर जैसे महत्वपूर्ण जिले के डीएम का जिम्मा सौंपा गया है। भागलपुर के नगर आयुक्त के रूप में अपनी शिथिल कार्यशैली के कारण चर्चा में रही जे प्रियदर्शनी अरवल का डीएम बनने में सफल रही हैं। मुजफ्फरपुर के डीएम चंद्रशेखर सिंहा पटना के डीएम बन गए हैं, जबकि पटना के डीएम कुमार रवि भवन निर्माण विभाग में सचिव बनाए गए है। सूचना पप्रौद्योगिकी विभाग से निकाल कर मनीष कुमार तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त बनाए गए हैं। तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के आयुक्त पंकज कुमार का तबादला पिछड़ा वर्ग एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में, वहीं दूसरी ओर विशेष सचिव पूनम सारण और राधेश्याम साह दरभंगा प्रमंडल के आयुक्त बनाए गए हैं।

शोभा ओहटकर को डीजी होमगार्ड, निर्मल कुमार आजाद को एडीजी रेल, रविन्द्रण शंकरण को एडीजी एटीएस बनाया गया है। वहीं एडीजी में प्रोन्नत किए गए बच्चू सिंह मीणा को एडीजी विशेष शाखा (सुरक्षा) और निर्मल आजाद को एडीजी रेल बनाया गया है। मनु महाराज को मुंगेर से हटाकर छपरा का डीआईजी बनाया गया है। रोहतास के एसपी सतवीर सिंह को बीएमपी का कमांडेंट बनाया गया है। बढ़ते अपराध से नाराज होकर रोहतास के सांसद छेदी पासवान ने उन्हें हटाने के लिए सीधे गृह मंत्री को पत्र लिखा था। आईपीएस मिलने के बाद राकेश दुबे को राजभवन के ओडिसी के अलावा एटीएस का एसपी का अतिरिक्तप्रभार दिया गया है। वहीं भागलपुर के सिटी एसपी सुशांत सरोज को अपराध ग्रस्त नवगछिया पुलिस जिले की कमान सौंपी गई है।

Ravindra Nath Tiwari

तीन दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय। 17 साल हिंदुस्तान अखबार के साथ पत्रकारिता के बाद अब 'भारत वार्ता' में प्रधान संपादक।

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