
पटना संवाददाता: राज्य सरकार ने बिहार के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में अगले सत्र से स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई कराने की घोषणा की है लेकिन क्या यह बातों में मुमकिन हो पाएगी? ऐसा सवाल लोग कर रहे हैं. बुधवार को बजट सत्र के दौरान विधानसभा में शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने यह ऐलान किया कि भोजपुरी मैथिली और मगही समेत अन्य स्थानीय भाषाओं में प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई शुरू की जाएगी. ताकि बच्चे पढ़ाई को आसानी से समझ सके. उन्होंने कहा कि सरकार ने यह फैसला किया है कि महात्मा गांधी और फणीश्वरनाथ रेणु जैसी विभूतियों के बताए रास्ते पर बच्चों को उनकी आंचलिक भाषा में पढ़ाया जाएगा. इसके अनुसार मैथिली क्षेत्र के स्कूलों में मैथिली भाषा, भोजपुरी क्षेत्र के स्कूलों में भोजपुरी भाषा और मगही क्षेत्र के स्कूलों में मगही भाषा में पढ़ाई होगी. यह भी बताया गया कि वर्ष 2021 -2022 सत्र से या व्यवस्था शुरू हो जाएगी मगर लोगों का कहना है कि इसे व्यावहारिक रूप से जमीन पर उतारने में अभी समय लगेंगे. शिक्षकों की बहाली से लेकर अन्य कई संसाधनों को पूरे करने होंगे. बिहार भोजपुरी अकादमी के पूर्व अध्यक्ष डॉ चंद्र भूषण ने बताया कि सरकार का यह राज्य हित में महत्वपूर्ण फैसला है. शिक्षा मंत्री अगले सत्र से यह व्यवस्था जरूर शुरू करवा देंगे.
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