
Bharat Varta desk: बिहार में जाति आधारित जनगणना पर रोक लगाने के लिए दाखिल पटना हाईकोर्ट में याचिका पर बहस पूरी हो गई। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। कल फैसला सुनाए जाने की संभावना बताई गई है।
यह बहस कल से चल रही थी। पहले वकील अभिनव श्रीवास्तव, फिर महाधिवक्ता पीके शाही और दिनु कुमार ने बहस किया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जनगणना को रोकने के लिए बहस करते हुए वकीलों ने कहा कि इस काम के लिए राज्य की आकस्मिक निधि से 1500 करोड़ खर्च करने की बात है। इस खर्च के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। याचिका के पक्ष में वकीलों ने कई दलीलें दीं और कोर्ट से जनगणना रोकने का आदेश पारित करने का अनुरोध किया।
जबकि महाधिवक्ता पीके शाही ने जनगणना के औचित्य के समर्थन में दलील पेश करते हुए कहा कि बिहार के लोग जातीय जनगणना को लेकर काफी उत्साहित हैं और जनगणना से जुड़े 17 बिंदुओं पर तत्परता पूर्वक जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुट्ठी भर लोग सरकार किस काम का विरोध कर रहे हैं। ज्यादातर लोग इसके पक्ष में हैं। इससे किसी भी व्यक्ति की कोई गोपनीयता भंग नहीं हो रही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बहस के दौरान
मुख्य न्यायाधीश ने पूछा है कि -अगर caste based सर्वे सही है तो राज्य सरकार नें नया कानून क्यों नहीं बनाया? बिना कानून के कैबिनेट नें कैसे यह निर्णय लिया? Census तो केंद्रीय विषय है।
Bharat varta Desk बिहार की NDA सरकार ने रविवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और… Read More
Bharat varta desk शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली… Read More
Bharat varta Desk पश्चिम बंगाल के नए सीएम का सस्पेंस खत्म हो गया है. भारतीय… Read More
Bharat varta Desk 7 मई 2026 को बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व… Read More
Bharat varta Desk 7 मई 2026 को बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में कैबिनेट… Read More
Bharat varta Desk बिहार में सियासी हलचल के बीच कल यानी 7 मई को राजधानी… Read More