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Bharat varta Desk
नोएडा के स्पोर्ट्स सिटी में 9000 करोड़ के घोटाले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने CBI और ED को जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही कहा कि बिल्डरों, कंसोर्टियम और नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के खिलाफ भी जांच किए जाएं।
न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने नोएडा में 4 स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं में से तीन को कवर करते हुए 10 अलग-अलग फैसले दिए। साथ ही उन्होंने फैसले पर पूरे स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट को भ्रष्टाचार की टेस्ट बुक का स्पेशल उदाहरण बताया।
कोर्ट ने लैंड यूज वायलेशन, वित्तीय अनियमितता, दिवालिया कार्यवाही और स्पोर्ट सुविधाओं का पूरा न होने सहित कई अन्य पहलुओं की जांच करने के आदेश दिए। कोर्ट ने कहा- अब CBI को जांच सौंपने के अलावा कोई रास्ता नहीं है।
कोर्ट ने कहा- नोएडा प्राधिकरण से महत्वपूर्ण लाभ और रियायतें लेने के बाद भी डेवलपर्स ने अनिवार्य खेल सुविधाओं को बनाने की बजाए केवल व्यवसायिक विकास पर ध्यान केंद्रित किया। ये ऑर्डर सेक्टर 78, 79 और 101 में स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं से संबंधित हैं। जहां जनाडु एस्टेट प्रमुख डेवलपर है।
सेक्टर 150 में 2 स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाएं जिसे लॉजिक्स इंफ्रा डेवलपर्स और लोटस ग्रीन्स कंस्ट्रक्शन की ओर से विकसित की गईं। वहीं सेक्टर 78-79 में परियोजनाओं के प्रमुख डेवलपर्स और लॉजिक्स की स्पोर्ट्स सिटी परियोजना वर्तमान में दिवालियेपन की कार्यवाही से गुजर रही है। जिसको कोर्ट ने वित्तीय और कानूनी दायित्वों से बचने के लिए एक जानबूझकर रणनीति करार दिया।
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